सरकारी कर्मचारियों का कल से देशव्यापी हड़ताल

अपनी विविध मांगों को लेकर राज्य सरकार के कर्मचारी कल यानी 8 जनवरी से 'भारत बंद' आंदोलन करने का फैसला किया है।

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अपनी विविध मांगों को लेकर राज्य सरकार के कर्मचारी कल यानी 8 जनवरी से देशव्यापी हड़ताल करने का फैसला किया है। इस हड़ताल को राज्य के 'राज्य राजपत्रित महासंघ' ने भी अपना समर्थन देने का फैसला किया है।  

हड़ताल करने वाले कर्मचारियों का कहना है कि, हफ्ते में 5 दिन ही काम करने का नियम, रिटायर होने की उम्र 58 से बढ़ कर 60 हो और नई पेंशन योजना को बंद करके पुरानी पेंशन योजना शुरू हो जैसी अन्य कई हमारी मांगे हैं।

कर्मचारियों का आगे कहना है कि, जब महाराष्ट्र में नई सरकार का गठन हुआ तो हमरी संगठन ने अपनी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के पास गए और उनके सामने अपनी मांग रखी, उन्होंने हफ्ते में 5 दिन काम करने की बात को जल्द ही पूरा करने का आश्वासन दिया, लेकिन आज तक हमारी बात पर ध्यान नहीं दिया गया इसीलिए हमने 8 जनवरी से हड़ताल पर जाने का निर्णय किया है।

क्या है मांग?
आपको बता दें कि राज्य सरकारी के कर्मचारी संगठन के अलावा इस हड़ताल में किसान संगठन ने भी हिस्सा लेने की घोषणा की है। किसानों की भी अपनी अलग मांग है। उनका कहना है कि, देश बहर के किसानों के कर्ज माफ़ किये जाएं,  किसानों की उत्पादों को उचित मूल्य संबंधी कानून बनें, किसानों के लिए कोल्ड स्टोरेज की व्यवस्था कराई जाए, सिंचाई, सुखा, पेंशन, स्वास्थ्य, पर्यावरण के साथ-साथ किसानों के अन्य मुद्दों पर भी ध्यान दिया जाए।

गौरतलब है कि सरकार के गठन को अभी अधिक दिन नहीं हुए हैं। बल्कि अभी दो दिन पहले ही कई मंत्रियों के विभागों का बंटवारा भी हुआ। तो ऐसे में इस तरह देशव्यापी हड़ताल की घोषणा होना एक तरह से उद्धव सरकार के लिए मुसीबत बन सकता है। अब इस हड़ताल से नयी सरकार किस तरह से निपटती है यह तो आने वाला समय ही बताएगा।

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