महंगे होने के कारण चोरी होते मेनहोल के ढक्कन, प्रशासन सुस्त


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वैसे तो मुंबई में सामानो का चोरी होना कोई नयी बात नहीं है, पलक झपकते ही चोर किसी के भी सामान पर हाथ साफ कर देते हैं, लेकिन अब चोर भी इस तरह की चोरी कर रहे हैं कि एक बारगी आपको यकीन नहीं होगा। चोरो के निशाने पर है मेनहोल्स के ढक्कन। लोहे के बने यह ढक्कन बीएमसी की प्रॉपर्टी हैं लेकिन महंगा बिकने के कारण इस ढक्कन पर चोर हाथ साफ़ कर रहे हैं। मुलुंड इलाके में एक दो नहीं बल्कि 40 मेनहोल के ढक्कन गायब हैं। यह कैसे गायब हो गया इसका जवाब ना तो बीएमसी के पास है और ना ही पुलिस के पास।

बुजुर्ग बन रहे हैं शिकार  

बुधवार को मुलुंड में एक बुजुर्ग महिला नीलिमा पुराणिक (53) खुले मेनहोल में गिर गयी। आननफानन में अग्निशमन कर्मियों को बुलाया गया। उन्होंने किसी तरह से नीलिमा को निकाला। जख्मी नीलिमा को अस्पताल में दाखिल कराया गया। लगभग रात के 9 बजे नीलिमा कहीं से आ रही थी उसे खुला मेनहोल दिखाई नहीं दिया और वह गिर पड़ी। नीलिमा ही नहीं, बल्कि ऐसे कई वृद्ध महिला और पुरुष हैं जो खुले मेनहोल का शिकार बन चुके हैं, बावजूद इसके बीएमसी आँख मूंदे है। स्थानीय नागरिकों के अनुसार इन मेनहोल के ढक्क्न चोरी हो गए हैं।

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महंगे होते हैं ढक्कन 

कुछ लोगों ने बताया कि चोरी हुए ढक्कन की जगह दुबारा नया ढक्कन लगाया गया लेकिन वह भी चोरी हो गया।  यह ढक्कन कैसे और कौन चोरी करता है इसका जवाब ना ही पुलिस के पास है और ना ही प्रशासन के पास? स्थानीय लोगों की माने तो ढक्क्नों को चुरा कर चोर इसे भंगाल वालो को बेच देते हैं। एक ढक्कन से उन्हें लगभग 3 से 4 हजार रूपये तक मिल जाते हैं, इसीलिए चोरो के निशाने पर यह ढक्कन रहता है।

लग रहे हैं प्लास्टिक के ढक्कन 

चोरी की बढ़ती घटना को देखते हुए अब बीएमसी लोहे के ढक्कन के बजाय अब प्लास्टिक के ढक्कन लगा रही है। यह काफी मजबूत और सस्ती भी होती है।


जिन जिन मेनहोल्स के ढक्कन चोरी हो गए हैं वहां प्लास्टिक के ढक्कन लगाए जा रहे हैं। चोरी हुए ढक्कन के संबंध में पुलिस में शिकायत दर्ज करा दी गयी है। चोरी की घटना को देखते हुए पुलिस को रात के गस्त बढ़ाना चाहिए या फिर सीसीटीवी लगाना चाहिए।

किशोर गांधी, अतिरिक्त आयुक्त, मुलुंड टी वॉर्ड


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