कोरोना से मरनेवालों में मुंबई का प्रतिशत सबसे ज्यादा

बीएमसी माहुल में क्वारंटाइन जोन बनाने जा रही है

कोरोना से मरनेवालों में मुंबई का प्रतिशत सबसे ज्यादा
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चेंबूर के माहुल गांव को मुंबई के 'विषाक्त नरक' के रूप में करार दिया गया है, क्योंकि इसके निवासियों ने श्वसन संबंधी समस्याओं की शिकायत की है। इस स्थल को वहां की वायु गुणवत्ता के कारण मनुष्यों के लिए ' नही रहने योग्य' माना गया है, जो प्रदूषित और खराब है।  लेकिन यह सब बृहन्मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) को सबक सिखाने में विफल रहा है, जो अब कोरोनवायरस से संक्रमित होने के संदेह वाले मरीजों के लिए माहुल को संगरोध सुविधा केंद्र बनाने के लिए मूकदर्शक है।

बीएमसी का कहना है कि यह 'अत्यधिक आग्रह' में साइट का उपयोग करने में कोई आपत्ति नहीं करेगा।   वर्तमान में सिविक बॉडी केवल माहुल में तैयारी कर रही है। इसके लिए एक बीएमसी के सभी अधिकारियों के साथ एक बैठक की गई है।इस कदम का स्थानीय निवासियों और परियोजना प्रभावित व्यक्तियों (पीएपी) के कारण काम करने वाले कार्यकर्ताओं द्वारा जोरदार विरोध किया जा रहा है, जिन्हें महुल में स्थानांतरित कर दिया गया था, लेकिन बॉम्बे उच्च न्यायालय द्वारा उन्हें 'कुछ सुरक्षित स्थान' पर स्थानांतरित करने का आदेश दिया गया था।

महाराष्ट्र में यह आंकड़ा 748 तक पहुंच चुका है। इस बीच मुंबई में कोरोना वायरस के कारण मृत्युदर 6.66 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है, जो देश की औसत दर 3 प्रतिशत से दोगुने से भी अधिक है। विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी बीमारी में मृत्युदर 3 प्रतिशत से ज्यादा होना चिंता की बात है।


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