अस्पतालों के बाहर 'नो हॉर्न ओके प्लीज'

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अस्पतालों के बाहर 'नो हॉर्न ओके प्लीज'
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मुंबई  -  

ध्वनि प्रदुषण को लेकर कोर्ट के आदेश की धज्जियां खुलेआम उड़ाई जा रही हैं। अस्पतालों के 100 मीटर के आसपास गाड़ियों के हॉर्न और अन्य किसी भी प्रकार की कोई ध्वनि प्रदुषण पर पाबंदी के बाद भी लोग ध्वनि प्रदुषण करते हैं। इस बात की जानकारी दी है आवाज फाऊंडेशन के सर्वेसर्वा सुमायरा अब्दुलाली ने।

आवाज फाऊंडेशन के द्वारा किए गये सर्वे के अनुसार मुंबई और उपनगर में प्राइवेट और सरकारी अस्पतालों के आसपास काफी शोर शराबा होता है। आवाज फाऊंडेशन के सर्वे में यह भी बताया गया कि हिंदुजा और केईएम अस्पताल के आसपास 100 डेसिबल से अधिक आवाज दर्ज की गई है।सुमायरा ने नियमों के पालन न करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। सुमायरा ने मुंबई के कुछ अस्पतालों के आसपास हो रहे शोर शराबे की तुलना लंदन के कुछ अस्पताल के आसपास हो रहे शोर शराबे से की है।

मुंबई के अस्पताल के आसपास की आवाजें (डेसिबल)

सड़कों पर एम्बुलेंस - 100
हिंदुजा - 100.5
केईएम - 100.3
वाडिया - 99.6
होली फैमिली - 97.4
सायन - 97.3.३
लीलावती - 95.1

लंडन के अस्पतालों के आसपास की आवाजें (डेसिबल)

सड़कों पर एम्बुलेंस - 94
रॉयल लंडन - 82
सेंट थॉमस - 81
सेंट मेरी - 79
लंडन क्लिनिक - 76
यूसीएच - 62

जारी किए गए आंकड़े के अनुसार मुंबई के अस्पतालों के आसपास काफी शोर शराबे होते हैं. सुमायरा ने प्रशासन को इस तरफ ध्यान देने की बात कही है।


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