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दहिसर नदी के आसपास बने झोपड़ों को किया गया ध्वस्त, BMC ने किया ड्रोन का इस्तेमाल


दहिसर नदी के आसपास बने झोपड़ों को किया गया ध्वस्त, BMC ने किया ड्रोन का इस्तेमाल
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मुंबई (mumbai) में बीएमसी (BMC) ने पहली बार अवैध अतिक्रमण (Illegal encroachment) हटाने के लिए ड्रोन (DRONE) का इस्तेमाल किया है। बोरीवली की आर/मध्य कार्यालय ने दहिसर नदी (dahisar river) के चौड़ीकरण के लिए उसके आसपास की झोपड़ियों (slums) को हटाने का काम किया। इस कार्य में बीएमसी कर्मचारियों (BMC worker)के साथ पुलिस ने पुलिस भी उपास्थित थी। ड्रोन के उपयोग के कारण जमा होती भीड़ पर नियंत्रण पाना आसान हो जाता है।

दहिसर नदी के किनारे 738 फुट लंबी सुरक्षात्मक दीवार (boundary wall) बनाना सुनिश्चित हुआ है। इसमें से 377 फुट लंबी की दीवार बनाई जा चुकी है। हालांकि, नदी के लग कर संजयनगर और हनुमाननगर इलाके में जिन 95 झोपड़ों को ढहाया गया वहां अब 361 फुट लंबी दीवार बनेगी। इस तोड़क कार्रवाई का काफी विरोध होने की आशंका में बीएमसी ने ड्रोन कैमरे का उपयोग किया।

मानसून (monsoon) के महीने में दहिसर नदी खतरे के स्तर से ऊपर हो जाती है, जिससे आसपास रहने वालों की जान पर बात आ जाती है। यही नहीं मानसून के मौसम में इस नदी में गिर कर एक दो लोगों की मौत होने की खबर हर साल आती है।

इसलिए इस नदी के किनारे एक सुरक्षात्मक दीवार बनाने का निर्णय लिया गया। हालांकि, इस क्षेत्र में झोपड़ियों के अतिक्रमण के कारण सुरक्षात्मक दीवार बनाने का काम 10 साल तक लटका रहा।  जिसके बाद बीएमसी ने निर्णय लिया कि इस बार दीवार को मानसून से पहले ही बना लिया जाएगा।

मंगलवार की सुबह करीब 90 की संख्या में बीएमसी कर्मचारी जब तोड़क कार्रवाई के लिए पहुंचे तो उनके साथ बड़ी संख्या में पुलिस वाले भी मौजूद थे। इसके बाद तोड़क कार्रवाई के दौरान बीएमसी ने 95 झोपड़ों को ढहा दिया।

मुंबई में साल 2005 में जो बाढ़ आई थी उससे दहिसर नदी से आसपास का इलाका जलमग्न हो गया। बोरीवली पूर्व का काफी बड़ा इस नदी की बाढ़ की चपेट में आ गया था। इसलिए ब्रिमस्टोवड परियोजना के तहत, मुंबई में नदी नदियों के चौड़ीकरण का काम शुरू किया गया था। हालांकि, कई स्थानों पर नदियों और नदियों के अतिक्रमण के कारण चौड़ीकरण का काम रोक दिया गया है।

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