Advertisement

अतिक्रमण की अनदेखी करने पर सख्त कार्रवाई, नवी मुंबई नगर आयुक्त की चेतावनी

अनाधिकृत निर्माण को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं करने की बात बताते हुए आयुक्त ने अतिक्रमण विभाग को अनाधिकृत निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए.

अतिक्रमण की अनदेखी करने पर सख्त कार्रवाई, नवी मुंबई नगर आयुक्त की चेतावनी
SHARES

अतिक्रमण के साथ-साथ अनधिकृत निर्माण शहर की योजना में बाधा डाल रहे हैं और ऐसे भवनों (Illegal building)  में अपनी आजीविका का निवेश करने वाले नागरिक भी ठगे जाते हैं और भारी वित्तीय नुकसान होता है।  इसलिए नवी मुंबई नगर निगम आयुक्त अभिजीत बांगड़ (Abhijit bangad)  ने अतिक्रमण विभाग की समीक्षा बैठक के मौके पर माफिया मानसिकता वाले अतिक्रमणकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। आयुक्त ने चेतावनी दी कि यदि यह पाया गया कि कोई जानबूझकर ऐसे निर्माणों को नजरअंदाज करने की कोशिश कर रहा है, तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की मदद के बिना सख्त कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में अपर आयुक्त संजय काकड़े, अतिक्रमण उपायुक्त अमरीश पटनीगिरे सहित सभी विभागों के अतिक्रमण विभाग के अभियंताओं और सभी विभागों के सहायक आयुक्तों और संभागीय अधिकारियों ने वेब संचार के माध्यम से भाग लिया।

आयुक्त ने अतिक्रमण विभाग को अनाधिकृत निर्माण के खिलाफ कार्रवाई तेज करने के निर्देश देते हुए कहा कि व्यवस्था को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।  आयुक्त ने जनवरी से जून तक की अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई की समीक्षा करते हुए सभी चल रहे निर्माणों को जारी नोटिस की समीक्षा की।

अनाधिकृत निर्माणों की संख्या एवं विभागीय कार्यालयों द्वारा जारी नोटिसों पर नाराजगी व्यक्त करते हुए आयुक्त ने विभाग के अधिकारियों को मामले की पुन: जांच कर इस पर नियमित रूप से ध्यान देने के निर्देश दिये। आयुक्त ने यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि नोटिस दिए जाने या कार्रवाई होने के बाद निर्माण फिर से शुरू न हो।

नगर निगम द्वारा अनाधिकृत निर्माणों पर लगाए गए जन जागरूकता बोर्ड को इस तरह से प्रदर्शित करने का भी निर्देश दिया गया है कि उन्हें नागरिकों द्वारा देखा जा सके और हटाया नहीं जा सके।  आयुक्त ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि सिडको और एमआईडीसी की साइटों पर अनाधिकृत निर्माण हो रहा है तो वह सतर्क रहें।

अतिक्रमण को रोकने के लिए प्रत्येक विभागीय कार्यालय में एक स्वतंत्र कनिष्ठ अभियंता है और इस अभियंता को लगन से कार्य करना चाहिए।

विभागीय कार्यालय में अतिक्रमण की रोकथाम के लिए नियुक्त कनिष्ठ अभियंता की जिम्मेदारी है कि वह अतिक्रमण या अनाधिकृत निर्माण की जानकारी उपलब्ध कराये और आगे की कार्रवाई की जिम्मेदारी विभागीय अधिकारी एवं सहायक आयुक्त की होती है। हालांकि उन्होंने कहा कि विभाग इस बात का ध्यान रखे कि बिना शिकायत का इंतजार किये अनाधिकृत निर्माण न होने दें।उन्होंने सख्त निर्देश भी दिये कि अतिक्रमण की कार्रवाई में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी।

यह भी पढ़ेतीसरी बार पवार से मिले प्रशांत किशोर

Read this story in English or मराठी
संबंधित विषय
मुंबई लाइव की लेटेस्ट न्यूज़ को जानने के लिए अभी सब्सक्राइब करें