सीएसटी हिमालय पूल हादसे जांच की अंतिम रिपोर्ट कमिश्नर के सामने हुई पेश

सूत्रों के अनुसार इस अंतिम रिपोर्ट में उन्हीं इंजीनियरों के नाम शामिल हैं जिन्हें अब तक गिरफ्तार किया गया है. इसके अलावा किसी अन्य व्यक्ति का नाम शामिल नहीं था।

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सीएसटी स्थित हिमालय ब्रिज हादसे की अंतिम रिपोर्ट को बीएमसी ने नवनियुक्त कमिश्नर प्रवीण परदेशी को सौंप दिया है।

प्राथमिक रिपोर्ट  हुई पेश  

सीएसटी ब्रिज हादसे के बाद इस मामले की जांच की जिम्मेदारी बीएमसी के उपायुक्त (दक्षता) विवेक मोरे  को सौंपी गयी थी। उसके बाद मोरे ने 24 घंटे के अंदर तत्कालीन आयुक्त अजॉय मेहता को प्रारंभिक जांच रिपोर्ट सौंपी थी। 

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इस रिपोर्ट में बीएमसी के इंजीनियर अनिल पाटिल, संदीप काकुलते और कुछ अन्य इंजीनियरों को दोषी ठहराया गया था। रिपोर्ट के बाद पुल का ऑडिट करने वाले  नीरज देसाई को भी गिरफ्तार कर लिया गया था। पाटिल और काकुलते को निलंबित कर उन्हें भी गिरफ्तार किया गया। इसके बाद पुल विभाग के सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता शीतलाप्रसाद कोरी को भी अभी कुछ दिन पहले ही गिरफ्तार किया गया।

जांच के आदेश  

BMC की तरफ से मुंबई के एफओबी, हाईवे सहित अन्य ब्रिजों के निरिक्षण के लिए नियुक्त किये गये इंजीनियरों ने हिमालय ब्रिज की स्थिति को ठीक बताते हुए केवल थोड़े-बहुत मरम्मत की आवश्यकता बताई गयी थी. लेकिन इस ब्रिज हादसे के बाद नियुक्त किये गये इंजीनियरों पर सवाल खड़े हो गये। इसके बाद बीएमसी ने फिर से  मुंबई में पुलों की समीक्षा करने का आदेश दिया। 

सूत्रों के अनुसार इस अंतिम रिपोर्ट में उन्हीं इंजीनियरों के नाम शामिल हैं जिन्हें अब तक गिरफ्तार किया गया है. इसके अलावा किसी अन्य व्यक्ति का नाम शामिल नहीं था। यह रिपोर्ट केवल उन इंजीनियरों की ही विभागीय जांच की सिफारिश करती है जिन्हें जेल में रखा गया है।

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