बीएमसी अस्पतालों में मुंबई के निवासियों को मिलेगी सहूलियत?

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बीएमसी अस्पतालों में मुंबई के निवासियों को मिलेगी सहूलियत?

मुंबई में रहने का आपके पास निवास प्रमाणपत्र है तो ही आपको बीएमसी के अस्पतालों में सहूलियत और प्राथमिकता के आधार पर इलाज मिल पाएगा, ऐसा प्रस्ताव लाने की शिवसेना ने तैयारी कर रखी है। मतलब अगर आपके पास मुंबई में रहने का निवास प्रमाणपत्र नहीं है, या फिर आप बाहर से यहां इलाज कराने आए हैं तो बीएमसी के अंतर्गत आने वाले अस्पतालों में इलाज के लिए आपको नो तो सहूलियत मिलेगी और ना ही प्रमुखता दी जाएगी, लेकिन ऐसा तभी होगा जब यह प्रस्ताव महापालिका के सदन में पास हो जाएगा। शिवसेना नगरसेवक ने इसके लिए अभी मांग उठाई है, जिसका विपक्षी पार्टियों ने विरोध किया है।

मुंबई के अलावा महाराष्ट्र के साथ-साथ देश भर से मरीज बीएमसी के अस्पतालों में इलाज के लिए आते हैं। लेकिन सभी को रियायती दरों पर चिकित्सा सुविधा देने का खामियाजा महापालिका के रोगियों को उठाना पड़ रहा है। मुंबई के करदाताओं को और अधिक आसानी से और रियायती दरों पर उपचार प्राप्त हो इसके लिए शिवसेना ने निवास प्रमाणपत्र के आधार मुंबई में रहने वाले रोगियों को प्राथमिकता के आधार पर इलाज मुहैया कराने की मांग उठाई है।

मुंबई नगर निगम के 3 प्रमुख अस्पतालों और 16 उपनगरीय अस्पताल, प्रसुतीगृह और दवाखाने तथा स्वास्थ्य केंद्र में सार्वजनिक स्वास्थ्य की दृष्टी से महापालिका की तरफ से सुविधा दी जाती है। महापालिका के प्रमुख अस्पतालों में होने वाली भीड़ के चलते इलाज में परेशानी होती है, जिसे देखते हुए कुछ समय पहले प्रशासन ने बाहर से आने वाले मरीजों से अधिक शुल्क लेने का प्रस्ताव तैयार किया था, जिसका सत्ताधारी पक्ष को छोड़कर सभी दलों ने विरोध किया था और प्रस्ताव खारिज हो गया था। लेकिन अब फिर से शिवसेना अप्रत्यक्ष रूप से इस प्रस्ताव को लाना चाहती। शिवसेना नगरसेवक मंगेश सातमकर ने मांग उठाई है कि मुंबई में रहने वाले लोगों को निवास प्रमाणपत्र के आधार पर सहूलियत और इलाज में प्रमुखता देनी चाहिए।

विरोधी पक्षनेता रवि राजा ने इसका तीव्र विरोध किया, उन्होंने कहा कि यदि सभागृह में यह प्रस्ताव पेश किया जाएगा तो हम निश्चित ही उसका विरोध करेंगे। मुंबई एक अंतरराष्ट्रीय शहर है। जिससे यहां सब आते हैं। यह प्रस्ताव एक प्रकार से बाहर से आने वाले लोगों से ज्यादा शुल्क लेने का तरीका है। अस्पताल में इलाज के लिए आने वाला मरीज कहां से आ रहा है यह जरूरी नहीं, बल्कि उसकी बीमारी व उपचार को प्रमुखता दी जानी चाहिए। रवि राजा ने कहा कि मुंबई के अस्पताल में राज्य के बाहर से लोग आते हैं यह हमारे लिए गौरव की बात है।

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