अंधेरी हादसा: भविष्य में न हो ऐसे हादसे, IIT, रेलवे और बीएमसी ने मिल कर उठाया यह कदम

मध्य रेलवे, पश्चिम रेलवे की सीमा में आरओबी, एफओबी, स्काईवाक सहित विभिन्न प्रकार के 445 ब्रिज आते हैं। इन सभी ब्रिज के स्ट्रक्चरल ऑडिट शुक्रवार से किये जाएंगे। इसके लिए 12 टीमों का गठन किया गया है। इस टीम में भारतीय प्रोद्योगिकी संस्था (आयआयटी, मुंबई) के इंजीनियर, संबंधित रेलवे अभियंता और बीएमसी के भी अभियंता शामिल हैं।

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भविष्य में अब अंधेरी हादसा जैसा कोई दूसरा हादसा नहीं हो इसके लिए बीएमसी, मध्य रेलवे और पश्चिम रेलवे के अधिकारी नियमित रूप से समय समय पर बैठक करेंगे ताकि लोगों के बीच समन्वय बना रहे। गुरुवार यानि 5 जुलाई को हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया। इस बैठक में बीएमसी कमिश्नर अजोय मेहता के साथ साथ वरिष्ठ इंजीनियर और पश्चिम और मध्य रेलवे के इंजीनियर भी उपस्थित थे।

हुई विशेष बैठक  
गुरुवार को हुई यह बैठक अजोय मेहता की अगुवाई में बीएमसी मुख्यालय में सम्पन्न हुई। इस बैठक में मध्य रेलवे के महाव्यवस्थापक डी. के. शर्मा, विभागीय रेलवे व्यवस्थापक एस. के. जैन, पश्चिम रेलवे के महाव्यवस्थापक ए. के. गुप्ता सहित मध्य व पश्चिम रेलवे के वरिष्ठ इंजीनियर प्रमुख रूप से उपस्थित थे। साथ ही बीएमसी के इंजीनियरिंग सेवाओं और परियोजनाओं के निदेशक विनोद चिठोरे, पूल विभाग ले प्रमुख अभियंता शीतला प्रसाद कोरी भी उपस्थित थे। इस बैठक में बीएमसी और रेलवे की सीमाओं में आने वाले ब्रिज को लेकर और भविष्य में होने वाली इसी तरह की समस्याए फिर न आए इस पर भी चर्चा हुई।

पुलों का शुक्रवार से होगा ऑडिट 
मध्य रेलवे, पश्चिम रेलवे की सीमा में आरओबी, एफओबी, स्काईवाक सहित विभिन्न प्रकार के 445 ब्रिज आते हैं। इन सभी ब्रिज के स्ट्रक्चरल ऑडिट शुक्रवार से किये जाएंगे। इसके लिए 12 टीमों का गठन किया गया है। इस टीम में भारतीय प्रोद्योगिकी संस्था (आयआयटी, मुंबई) के इंजीनियर, संबंधित रेलवे अभियंता और बीएमसी के भी अभियंता शामिल हैं। जानकारी के मुताबिक जो ब्रिज सबसे अधिक पुराने हैं उनकी जांच पहले की जाएगी।

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