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दक्षिण मुंबई में कुछ स्कूलों ने डब्बेवालों पर लगाई पाबंदी

मुंबई डबवाले एसोसिएशन के अध्यक्ष सुभाष तालेकर ने कहा कि डब्बावालों पर भुखमरी का समय आ गया है।

दक्षिण मुंबई में कुछ स्कूलों ने डब्बेवालों पर लगाई पाबंदी
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जंक फूड खाने से छात्रों का स्वास्थ्य खराब हो सकता है। इस वजह से, सरकार ने छात्रों की सुरक्षा द्वारा स्कूल में जंक फूड की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया है। सभी स्तर पर लोगों ने इसका स्वागत किया।  हालाँकि, दक्षिण मुंबई के कुछ स्कूलों ने अपने परिसर में डबवाले को ताजा और शुद्ध भोजन लाने पर पाबंद लगा दी है।  मुंबई डबवाले एसोसिएशन के अध्यक्ष सुभाष तालेकर ने कहा कि डब्बावालों पर भुखमरी का समय आ गया है।

डब्बेवालों की मांग

डब्बेवालो मे मांग की है की  जिन बच्चों को घर का शुद्ध खाना खाना है उन्हे खाने दिया जाए। लेकिन दक्षिण मुंबई के कुछ स्कूलों ने डब्बेवालों के खाने लाने पर पाबंदी लगा दी है। स्कूल प्रशासन के छात्र स्कूल से कपड़े, जूते, किताबें, किताबें लेने का आदेश देते हैं। इसलिए, माता-पिता को उन आदेशों का पालन करना होगा।  स्कूल प्रशासन व्यापार करने लगा है। स्कूल प्रशासन और कैंटिलीज़ के मालिक की गठजोड़ के कारण स्कूल प्रशासन ने डब्बेवालो को खाना लाने से मना कर दिया है जिसके कारण छात्रों को कैंटिंन का मंहगा खाना पड़ रहा है।  


डब्बेवालों का कहना है की छात्रों के परिजन भी स्कूल के इस फैसले के काफी खिलाफ है लेकिन उनका बच्चा स्कूल में शिक्षा लेता है इसलिए वह कुछ बोल नहीं पाते है। डब्बेवालों ने शिक्षा मंत्री विनोद तावड़े से मिलने के बाद उन्होंने पत्र दिया था जिसपर स्कूल के इस रवैये के बारे में उन्हे अवगत भी कराया गया था।  डब्बेवालों की मांग है की  स्कूल द्वारा लगाए गए इस प्रतिबंध को फिर से वापस लिया जाए ताकी  बच्चों को घर का खाना मिल सके।


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