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गेटवे ऑफ इंडिया के पास के सार्वजनिक शौचालय से दुर्गंध आने और साफ सफाई ना होने के बाद भी यहां पर लोगों से शौचालय के नाम पर 5-5 रुपये लिये जाते थे। शिकायत मिलने के बाद बीएमसी ने इस शौचालय की देखरेख करनेवाले सुलभ संस्था के साथ अपना करार रद्द कर दिया। ये अपने आप की मुंबई में पहली घटना है।

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कुछ दिनों पहले ही बीएमसी ने इस शौचालय को नोटीस जारी कर संस्था से जवाब मांगा था। जिसके बाद भी संस्था ने शौचालय की देखरेख पर कोई खास ध्यान नही दिया। आखिरकार गुरुवार को बीएमसी ने सुलभ संस्था से इस शौचालय की देखरेख करनेवाली संस्था सुलभ के साथ अपना करार रद्द कर दिया।

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सुलभ पर साथ ही यह भी आरोप लगा की की वह गेटवे ऑफ इंडिया पर आनेवाली महिला पर्यटको से शौचालय का इस्तेमाल करने के लिए 5 -5 रुपये लेता था। राईट टू पी के तहत पिशाब करने के लिए आपको किसी भी तरह के पैसे देने की जरुरत नहीं होती। बीएमस के एक अधिकारी ने इसका स्टींग ऑपरेशन किया था। ए विभाग के सहायक आयुक्त किरण दिघावकर ने बताया की पहले भी शौचालय के मैनेजमेंट को एक बार नोटीस भेजा गया था, लेकिन नोटीस के बाद भी शौचालय मैनेजमेंट ने कोई खास ध्यान नहीं दिया।


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