सुप्रीम कोर्ट ने कोस्टल रोड प्रोजेक्ट पर काम को रोकने के आदेश जारी रखा

आपको बता दे की कोस्टल रोड के प्रोजेक्ट पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने रोक लगा दी थी जिसके बाद बीएमसी ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।

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सुप्रीम कोर्ट ने बीएमसी के कोस्टल रोड प्रोजेक्ट पर काम को रोकने के आदेश को जारी रखा है। इसके साथ ही कोर्ट ने कहा की  बीएमसी दिवाली के बाद राहत की अर्जी दे सकती है।  आपको बता दे की कोस्टल रोड के प्रोजेक्ट पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने रोक लगा दी थी जिसके बाद बीएमसी ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।


मछुआरो ने किया था विरोध

कोस्टल रोड का काम दिसंबर से शुरू हुआ है तबसे इसके काम को लेकर मछुआरे और अन्य सामाजिक कार्यकर्ता सवाल खड़े कर रहे हैं। मछुआरों को इस परियोजना के बाद अपनी आजीविका प्रभावित होने का डर सता रहा है इसीलिए वे इस परियोजना का लगातार विरोध कर रहे हैं। मधुआरो के साथ साथ कई पर्यावरण प्रेमियों ने भी  बीएमसी के इस प्रोजेक्ट का विरोध किया था। हाईकोर्ट के आदेश के बाद इस योजना का काम रुक गया है। काम रुक जाने के बाद बीएमसी को हर दिन लगभग 10 करोड़ रूपये का नुकसान हो रहा है। आपको बता दें कि प्रिंसेस स्ट्रीट से लेकर बांद्रा वरली सी लिंक तक कोस्टल रोड योजना का चालू है।


पहले भी लग चुकी है पाबंदी

इस योजना का विरोध शुरू से ही रहा है। मुंबई के समुद्री किनारों पर बनने वाली इस सड़क के लिए किनारों को मिट्टी डाल कर पाटा जा रहा था। इसका सबसे पहले विरोध वर्ली के कोली समुदाय के लोगों ने शुरू किया। कोली समुदाय का कहना था कि किनारों को पाटने के बाद उनके मछली व्यवसाय पर प्रभाव पड़ेगा और उनकी रिजी रोटी प्रभावित होगी। इसके बाद कोली समुदाय इस योजना के खिलाफ कोर्ट में याचिका दायर की। उस समय सुनवाई में कोर्ट ने अपने आदेश में फैसला दिया कि, काम को न रोका जाए लेकिन किनारों को भी न पाटा जाएं।

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