राज्य में जल्द ही नए तरीके से भर्ती प्रक्रिया लागू की जाएगी। 70 हज़ार से ज़्यादा पदों पर भर्ती अलग-अलग चरणों में की जाएगी। इसमें महाराष्ट्र पब्लिक सर्विस कमीशन से लगभग 50 हज़ार पद और महाराष्ट्र पब्लिक सर्विस कमीशन के बाहर के 20 हज़ार पद शामिल होंगे। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भर्ती प्रक्रिया को लागू करते समय ज़रूरी स्किल, सर्विस एंट्री, योग्यता और काम के नेचर के आधार पर फ़ैसले लेने के निर्देश दिए।(Recruitment for 70000 posts in the state will begin soon recruitment will be done through a new method says Chief Minister Devendra Fadnavis)
आला अधिकारियों के साथ बैठक
सर्विस एंट्री नियमों में बदलाव को लेकर मुख्यमंत्री फडणवीस की अध्यक्षता में सह्याद्री गेस्ट हाउस में एक मीटिंग हुई। इस मीटिंग में मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल के साथ-साथ प्रशासन के सभी एडिशनल चीफ सेक्रेटरी, प्रिंसिपल सेक्रेटरी और सेक्रेटरी मौजूद थे।
राज्य प्रशासन के ज़रूरी विभागों में तेज़ी से सभी तरह के एडमिनिस्ट्रेशन सुधार लागू किए जाने चाहिए। ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट और रिक्रूटमेंट प्रोसेस में ट्रांसपेरेंसी प्राथमिकता होगी। मुख्यमंत्री श्री फडणवीस ने यह भी कहा कि राज्य सरकार के सर्विस एंट्री रूल्स में बदलाव के बारे में जल्द ही कैबिनेट मीटिंग में फैसला लिया जाएगा।
ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट मॉडल
मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि जनरल एडमिनिस्ट्रेशन डिपार्टमेंट सिर्फ एक फॉर्मैलिटी नहीं है, बल्कि सरकार के पूरे रिक्रूटमेंट सिस्टम के लिहाज से बहुत महत्वपूर्ण है। राज्य सरकार के अलग-अलग डिपार्टमेंट्स में 70 हजार पोस्ट भरने के बाद डिपार्टमेंट की एफिशिएंसी बढ़ेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में मुख्यमंत्रियों के कॉन्फ्रेंस में महाराष्ट्र सरकार ने जो ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट मॉडल पेश किया था, वह सबसे तारीफ के काबिल था। उस समय प्रधानमंत्री मोदी ने दूसरे राज्यों को भी इस रिफॉर्म मॉडल को अपनाने का निर्देश दिया था। उन्होंने कहा कि इसी वजह से एडमिनिस्ट्रेटिव रिफॉर्म के क्षेत्र में महाराष्ट्र देश के लिए गाइड बन रहा है।
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