Advertisement

बारिश के कारण सब्जियों की कीमत में भारी बढ़ोतरी

वैसे ही कोरोना के कारण लोगों का आर्थिक गणित बिगड़ गया है, अब ऐसे में लोगों को सब्जियों के लिए भी अधिक भुगतान करना पड़ रहा है।

बारिश के कारण सब्जियों की कीमत में भारी बढ़ोतरी
SHARES

वापसी की बारिश (Rain) से किसानों को भारी झटका लगा है। भारी बारिश ने फसलों को नुकसान पहुंचाया है, सब्जी की आवक कम हुई है और मुंबई के खुदरा और थोक बाजारों में कीमतों बहुत ज्यादा बढ़ गई हैं। प्याज के दाम बढ़ने के बाद अन्य सब्जियां भी महंगी हो गई हैं। बारिश से पहले सब्जियों के थोक मूल्य और वर्तमान थोक मूल्य के बीच एक बड़ा अंतर है। इसमें न केवल उपभोक्ताओं को बल्कि सब्जी विक्रेताओं को भी कुछ नुकसान उठाना पड़ा है।

वैसे ही कोरोना के कारण लोगों का आर्थिक गणित बिगड़ गया है, अब ऐसे में लोगों को सब्जियों के लिए भी अधिक भुगतान करना पड़ रहा है। पिछले सप्ताह की बारिश से पहले, हरे चने, पापड़ी, फूलगोभी, ग्वार और शिमला मिर्च का थोक बाजार मूल्य 80 रुपये प्रति किलोग्राम था। उसके बाद माल की आवक कम हो गई और ये दर क्रमशः 120, 100, 100, 100, 120, 100 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई।

यह भी पढ़ें: अगले 48 घंटों में वापसी का मॉनसून महाराष्ट्र में होने की संभावना

सब्जी विक्रेता गोभी और गाजर 50 रुपये प्रति किलो की दर से खरीदते थे। इन दरों में क्रमशः 30 रुपये और 20 रुपये की वृद्धि हुई। टमाटर 30 रुपये से 40 रुपये, भिंडी 60 रुपये से 80 रुपये और बैगन 40 रुपये से बढ़कर 70 रुपये प्रति किलोग्राम हो गया है। मिर्च, जो वर्तमान में 64 रुपये प्रति किलो के थोक मूल्य पर उपलब्ध है, अब 80 रुपये प्रति किलोग्राम के हिसाब से बेची जा रही है।

सामान्य परिस्थितियों में, रोजाना हरेक सब्जी 10 से 15 किलो बेची जाती है। हालांकि, कोरोना की आशंका के कारण ग्राहकों की संख्या में गिरावट आई है। इसके अलावा, सब्जियों की कीमतें भी बढ़ गई हैं। प्याज की कीमत 100 रुपये प्रति किलोग्राम है, जबकि आलू की कीमत 50 रुपये से 55 रुपये प्रति किलोग्राम है। Agricultural बारिश के कारण कृषि उपज के नुकसान ने बाजार में माल की आमद कम कर दी है। वर्तमान में, सब्जियों की कीमतों में 30 से 40 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

यह भी पढ़ें: लोकल ट्रेन में महिलाओं को यात्रा करने से मिली छूट, फिर किस बात को लेकर हैं उनमें नाराजगी

Read this story in English or मराठी
संबंधित विषय
Advertisement