मुंबई में 6 सालों मे बालमजदूरी के अपराध मे कुल 2620 मुकदमा दर्ज

1039 भीख मांगने वाले बच्चों को मुक्त कराया गया है

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देश में जहाँ एक तरफ बालमजदूरी को अपराध माना जाता है वहीं दूसरी तरफ कुछ लालची लोग बच्चो का भविष्य बर्बाद करने पर तुले हुए है।ये हम नहीं कह रहे है. बल्कि आरटीआय कार्यकर्त्ता शकील अहमद शेख को एक आरटीआय से मिली जानकारी से पता चला है

आरटीआय कार्यकर्ता शकील अहमद शेख ने मुंबई पोलिस से 2013 से मुंबई शहर में बालमजदुर रखने वाले  लोगों के विरुद्ध कितने अपराध दर्ज हुए है तथा भीख मांगने वाले बच्चो को मुक्त कराने के सन्दर्भ में जानकारी मांगी थी । इस सन्दर्भ में सहाय्यक पुलिस आयुक्त तथा सुचना अधिकारी रमेश गावित ने शकील अहमद शेख को  सुचना उपलब्ध कराई।

मिली जानकारी के अनुसार मुंबई शहर में 2013 से मई 2019 तक बालमजदुर रखने के अपराध में कुल 2620 मुकदमा मुंबई पुलिस ने दर्ज किया है। वहीँ कुल 1039 भीख मांगने वाले बच्चों को मुक्त कराया गया है।

किस साल कितने बच्चों को कराया गया मुक्त

2013 में बालमजदूरी के अपराध मे कुल 174 मुकदमा दर्ज, एवं 72 भीख मांगने वाले बच्चों को मुक्त कराया गया

2014 में बालमजदूरी के अपराध मे कुल 441 मुकदमा दर्ज, एवं 124 भीख मांगने वाले बच्चों को मुक्त कराया गया

2015 में बालमजदूरी के अपराध मे कुल 718 मुकदमा दर्ज, एवं 457 भीख मांगने वाले बच्चों को मुक्त कराया गया

2016 में बालमजदूरी के अपराध मे कुल 535 मुकदमा दर्ज, एवं 165 भीख मांगने वाले बच्चों को मुक्त कराया गया

2017 में बालमजदूरी के अपराध मे कुल 486 मुकदमा दर्ज, एवं 138 भीख मांगने वाले बच्चों को मुक्त कराया गया

2018 में बालमजदूरी के अपराध मे कुल 223 मुकदमा दर्ज, एवं 31भीख मांगने वाले बच्चों को मुक्त कराया गया

मई 2019 तक बालमजदूरी के अपराध मे कुल 43 मुकदमा दर्ज, एवं 34 भीख मांगने वाले बच्चों को मुक्त कराया गया


आरटीआय कार्यकर्ता  शकील अहमद शेख के अनुसार देश के भविष्य से बाल मजदूरी कराया जाना बेहद चिंताजनक हैऔर इसके लिए कहीं न कहीं सरकारें भे जिम्मेदार हैक्यूंकि जहाँ एक तरफ शिक्षा का अधिकार हर एक बच्चे है, वहीँ बच्चे बाल मजदूरी कर रहे हैइस संदर्भ में कठोर कदम उठाने की आवश्कयता है

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