हत्या के आरोप में 2 महीने से था जेल में बंद, साबित हुआ निर्दोष

नुरेल्लम को गिरफ्तार करने के बाद करीब दो महीने बाद उससे पूछताछ की गयी, उसके खून, बाल के नमूने लेकर उसका डीएनए भी टेस्ट किया गया। इसके बावजूद नुरेल्ल्म के खिलाफ कोई सबूत नहीं मिला। आखिरकार पुलिस को नुरेल्ल्म को छोड़ना ही पड़ा।

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पिछले साल दिसंबर महीने में भुज-दादर एक्सप्रेस ट्रेन में एक 40 वर्षीय महिला की गला चिर कर हत्या कर दी गयी थी। इस मामले में पुलिस ने सैकड़ों सीसीटीवी फुटेज खंगाल कर एक आरोपी नुरेल्ल्म मुल्ला को गिरफ्तार किया था, लेकिन दो महीने की जांच के बाद नुरेल्लम मुल्ला के खिलाफ कोई भी सबूत नहीं मिलने पर पुलिस ने उसे छोड़ दिया। यानी पुलिस के हाथ अब भी खाली है और अब तक किसी निर्दोष को गिरफ्तार करके अंधी गली में जांच कर रही थी।

क्या था मामला?
गुजरात के सुरत की रहने वाली दरियादेवी चौधरी नामकी महिला की लाश भुज एक्सप्रेस में 9 दिसंबर के दिन मिली थी। इस हत्या मामले में पुलिस को कोई भी सुराग नहीं मिल रहा था। मामला सुलझता न देख जांच के लिए 100 लोगों की टीम गठित की गयी जिसमें क्राइम ब्रांच के 40 अधिकारी भी शामिल थे।

इस टीम ने दादर से लेकर सूरत तक के सभी स्टेशनों पर लगे सैकड़ों सीसीटीवी को खंगाला, इसके बाद पुलिस ने एक संदिग्ध नुरेल्ल्म मुल्ला को गिरफ्तार किया।

नुरेल्लम को गिरफ्तार करने के बाद करीब दो महीने बाद उससे पूछताछ की गयी, उसके खून, बाल के नमूने लेकर उसका डीएनए भी टेस्ट किया गया। इसके बावजूद नुरेल्ल्म के खिलाफ कोई सबूत नहीं मिला। आखिरकार पुलिस को नुरेल्ल्म को छोड़ना ही पड़ा।

जांच के नाम पर किसी को भी गिरफ्तार करके उससे पूछताछ करना, महीनों तक उसे जेल में रखना और कोई सबूत नहीं मिलने पर उसे छोड़ देना, यह सुनने में जितना आसान लगता है उतना ही कठिन है ऐसी स्थितियों से निपटना।

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