हिमांशु रॉय का इलाज कर रहे डॉक्टर ने किया चौकानें वाला खुलासा


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पुलिस अधिकारी हिमांशु रॉय ने कैंसर की बीमारी से त्रस्त होकर मौत को गले लगा लिया। पुलिस को मिले सुसाइड नोट में भी हिमांशु रॉय ने यही लिखा था, लेकिन उनका इलाज कर रहे डॉक्टर राज नगरकर यह मानने को कतई तैयार नहीं हैं कि हिमांशु ने बीमारी से परेशान होकर खुद को गोली मार ली। राज नगरकर की मानें तो, उनकी बीमारी अंडर कंट्रोल थी। वे अपनी बीमारी को लेकर किसी भी प्रकार की चिंता में कभी नहीं थे। तो वे आत्महत्या कैसे कर सकते हैं?


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18 साल से जूझ रहे थे कैंसर से

नासिक में एचसीजी मानवता केयर सेंटर के कार्यकारी संचालक डॉ. राज नगरकर का कहना है कि हिमांशु को हड्डियों में नहीं बल्कि किडनी में कैंसर था। किडनी में कैंसर होने की वजह से वह हड्डियों में भी फ़ैल गयी थी। डॉ. राज नगरकर आगे कहते हैं कि साल 2000 में ही हिमांशु को पता चल गया था कि उन्हें कैंसर है। नियमित इलाज के चलते 2016 में वे बिलकुल ठीक हो गए थे। लेकिन पिछले 2 सालों से उनकी तबियत अचानक फिर से ख़राब होने लगी थी।

डॉ. नगरकर के मुताबिक उनके नियमित इलाज से उनका स्वास्थ्य बेहतर हो रहा था। उनका ट्यूमर भी कंट्रोल में था। कुछ दिन पहले ही उनका रिपोर्ट आया जिसमें लिखा था कि उनका कैंसर अब कंट्रोल में हो रहा है। बावजूद इसके उन्होंने यह कदम क्यों उठाया यह समझ के बाहर है।
डॉ.राज नगरकर, कैंसर विशेषज्ञ, एचसीजी मानवता केयर सेंटर


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मिला था सुसाइड नोट 
हालांकि पुलिस को हिमांशु रॉय द्वारा लिखा एक सुसाइड नोट भी मिला है जिसमें उन्होंने इस बात का जिक्र किया है कि वे बीमारी से परेशान होकर आत्महत्या कर रहे हैं। उनकी मौत का जिम्मेदार किसी को भी है ठहराया जाए।


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