SHARE

भारत ने एक बार फिर से पाकिस्तान को मात दी है। भारत के कूटनीतिक समर्थन और उपलब्ध कराए गए सबूतों के आधार पर थाइलैंड की अदालत ने अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा शकील के बेहद ही वफादार मुजक्किर मुदस्सर हुसैन उर्फ मुन्ना झिंगड़ा को भारत का नागरिक माना है और उसे जल्द ही भारत को सौंपने की बात कही है।


क्या है मामला? 
आपको बता दें कि मुजक्किर मुदस्सर हुसैन उर्फ मुन्ना झिंगड़ा भगौड़ा अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम और छोटा शकील का बेहद ही खास है। मुन्ना झिंगड़ा फर्जी पाकिस्तानी पासपोर्ट पर बैंकॉक गया था और साल 2000 सितंबर से ही बैंकॉक की एक जेल में बंद है। यह मामला अप्रैल 2017 से अंडर ट्रायल था। उस पर दाऊद के दुश्मन छोटा राजन की हत्या की साजिश रचने का आरोप है। साथ ही झिंगड़ा के पिता मुद्दसर नुसैन की 1993 मुंबई धमाके में भी बड़ी भूमिका रही है और उसे पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI का संरक्षण मिला हुआ है। 

जल्द रिहा होने वाला था झिंगड़ा

भारत और पाकिस्तान दोनों मुन्ना झिंगड़ा को अपने अपने देश का नागरिक बता रहे थे। यही नहीं पाकिस्तान की अपील पर थाईलैंड की कोर्ट ने मुन्ना झिंगड़ा के सजा को काफी कम भी कर दिया था और वह जल्द ही रिहा भी होने वाला था लकिन प्रत्यर्पण को लेकर उसे रिहा नहीं किया गया। 

कोर्ट ने दिया भारत के हक में फैसला 

थाइलैंड की अदालत में बुधवार को इस केस की सुनवाई चल रही थी तब भारत ने कोर्ट में मुन्ना झिंगड़ा के फिंगरप्रिंट का सबूत दिया था, जिससे साबित हो गया कि वह भारत का नागरिक है। इसके बाद थाई अदालत ने भारत के पक्ष ने फैसला सुनाया।

आपको बता दें कि मुंबई के जोगेश्वरी का रहने वाला मुन्ना झिंगड़ा के ऊपर मुंबई के विभिन्न पुलिस थानों में 70 से भी अधिक केसज दर्ज हैं।

यह भी पढ़ें: दाऊद इब्राहिम की प्रॉपर्टी होगी नीलाम!

संबंधित विषय
ताजा ख़बरें