दाऊद के खासमखास रहे इकबाल मिर्ची की संपत्तियों को ED ने किया अटैच

ईडी (Enforcement Directorate) ने मिर्ची और उसके परिवार की करोड़ों की संपत्तियां जब्त कर ली हैं। जिसमें होटल, रोशन टॉकिज, बंगला और जमीन जैसी परिसंपत्तियां हैं।

दाऊद के खासमखास रहे इकबाल मिर्ची की संपत्तियों को ED ने किया अटैच
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भगौड़े अंडरवर्ल्ड डॉन (Underworld Don) और भारत के खिलाफ आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने वाला दाऊद इब्राहिम (Dawood Ibrahim) और उसके गुर्गों पर भारत सरकार लगातार शिकंजा कसती जा रही है, जिसके बाद से उनकी मुश्किलें बढ़ती ही जा रही है।

पहले दाऊद इब्राहिम की संपत्तियों को अटैच करने के बाद अब ईडी ने दाऊद के बेहद खासमखास और राइट हैंड रहे गुर्गे इकबाल मिर्ची (Iqbal Mirchi) और उसके परिवार पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है, जिसके तहत ईडी (Enforcement Directorate) ने मिर्ची और उसके परिवार की करोड़ों की संपत्तियां जब्त कर ली हैं। जिसमें होटल, रोशन टॉकिज, बंगला और जमीन जैसी परिसंपत्तियां हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ईडी ने इकबाल मिर्ची और उसके परिवार से जुड़ी करीब 23 करोड़ की संपत्तियों को जब्त किया है। ED ने ये कार्रवाई PMLA Act के तहत की है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी ने इकबाल मिर्ची की कुल 7 प्रॉपर्टीज को अटैच किया है। जिसमें एक होटल और एक निर्माणाधीन होटल, रोशन टॉकीज, एक फार्म हाउस, 2 बंगले और महाबलेश्वर के पंचगनी में स्थित साढ़े तीन एकड़ जमीन शामिल है।

जांच एजेंसीज ने इकबाल मिर्ची की लंदन, दुबई और मुंबई में 1,000 करोड़ रुपये की 30 संपत्तियों की पहचान की है। इसमें ज्यादातर संपत्तियां दुबई में हैं। ईडी ने इकबाल के परिजनों की दुबई में मौजूद 15 प्रॉपर्टीज अटैच की हैं. जिनकी कीमत 200 करोड़ रुपये से ज्यादा है. 

इसके पहले ED ने पीछले साल यानी 2019 सितंबर महीने में इकबाल मिर्ची और उसके परिवार सहित अन्य लोगों के खिलाफ प्रिवेंशन ऑफ मनी लांड्रिंग एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था।

इसी केस में मुम्बई के बिल्डर कपिल वाधवान, धीरज वाधवान सहित कुल 6 लोगों की गिरफ्तारी हुई थी। इसी मामले में इक़बाल मिर्ची के 2 बेटे आसिफ मेमन, जुनैद मेमन और पत्नी हाजरा मेमन के खिलाफ नॉन बेलेवल वॉरंट भी जारी किया गया था, जिसकी जांच भी ईडी कर रही है।

आपको बता दें कि मिर्ची से पहले ED ने दाऊद इब्राहिम और उसके भाई इकबाल कासकर (Iqbal Kaskar) की संपत्तियों को अटैच किया था, जिनकी नीलामी की प्रक्रिया मुंबई में 10 नवंबर को ऑनलाइन नीलामी रखी गई है।

साल 1993 में मिर्ची मुंबई में सीरियल ब्लास्ट करने के बाद वह पाकिस्तान भाग गया। इसके बाद वह 1988 से मादक पदार्थों की तस्करी में जुट गया।

बताया जाता है कि भायखला में उसका परिवार मिर्च बेचने का व्यवसाय करता था, इसी कारण उसे 'मिर्ची' उपनाम मिला। वह मुख्य रूप से मादक पदार्थों की मादक गोलियों की तस्करी के लिए कुख्यात है। 14 अगस्त 2013 को, मिर्ची की लंदन में दिल का दौरा पड़ने से मृत्यु हो गई।

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