‘कुलभूषण के लिए मैं किसी भी हद तक जा सकता हूं’

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मुंबई  -  

कुलभूषण को लेकर इस समय पूरे हिन्दुस्तान में आक्रोश फैला हुआ है। कई जगह पाकिस्तान के खिलाफ लोग मोर्चा निकाल रहे हैं। पूर्व नौसेना अधिकारी कुलभूषण का एक और पहलू है जिसे जानकर आप भाव विभोर हो जायेंगे।

पवई में रहने वाले कुलभूषण के घर का कपड़ा प्रेस करने वाले विजय कनौजिया (30) बताते हैं कि उस समय वे छोटे थे और डिलीवरी बॉय का काम करते थे। विजय कुलभूषण के घर का कपड़ा लौंड्री में धोने के लिए ले जाते थे। कुछ समय बाद कुलभूषण की और विजय की अच्छी पहचान हो गयी। कुलभूषण ने विजय को पढ़ाई के लिए न सिर्फ प्रोत्साहित किया बल्कि उनकी पढ़ाई का पूरा जिम्मा खुद उठाया।

विजय बताते है कि कुलभूषण को देख कर ही उनके मन में भी आर्मी ज्वाइन कर देश सेवा करने की लालसा जागृत हुई। विजय आगे कहते हैं कि कुलभूषण जहां जहां जाते उन्हें अपने साथ खाने पर ले जाते।

अपने सपने के बारे में विजय कहते हैं कि उन्होंने फिजिक्स में ग्रेजुएशन किया और एनडीए और सीडीए की परीक्षा की तैयारी करने लगे लेकिन किन्हीं कारणों से उनकी तैयारी पूरी नहीं हो पायी। वे कहते हैं कि वे कुलभूषण को भारत लाने के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं। उन्होंने कुलभूषण को दिए गये फांसी की सजा के विरोध में पवई में मानव चैन बनाकर मोर्चा भी निकाला।

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