ठाणे में दिखी मनसे की गुंडई, मछली बेचने वालों को पीटा

मनसे की दादागिरी बेरोकटोक जारी।

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एक बार फिर से मनसे कार्यकर्ताओ ने अपनी गुंडई गरीब मजदुर पर दिखाई है। मुंबई से सटे ठाणे में शुक्रवार को मनसे के कुछ कार्यकर्ताओं ने परप्रान्ती के नाम पर मछली बेचने वालों के साथ मारपीट की। घटना ठाणे के कोलबाड इलाके की है, जहां मछली बेचने का बाजार लगता है।

ठाणे में बड़े पैमाने पर कोली समाज रहते हैं। वे भी मछली बेचने का व्यवसाय करते हैं। ठाणे के कोलबाड इलाके में मछलियों का बाजार लगता है। यहां कोली के अलावा लगभग 20 से 25 गैर मराठी भी मछली बेचने का व्यवसाय करते हैं। शुक्रवार को यहां अचानक मनसे के कुछ कार्यकर्ता पहुंच गए और उन्होंने कुछ गैर मराठियों को पीटना शुरू कर दिया।

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ये मनसे के कार्यकर्ता मछली बेचने का सबसे पहले अधिकार कोली और मराठियों को है, इस बात की दुहाई देते हुए मारपीट कर रहे थे। मारपीट करने वाले सभी मनसे के स्थानीय कार्यकर्ता थे, इनमे से किसी की भी पहचान नहीं हो पायी है।

ठाणे मनसे के नेता अभिजीत पानसे ने कहा कि मुंबई पर सबसे पहला हक़ मराठियों का है. कोली यहां के भूमिपुत्र हैं. लेकिन परप्रांतियों की वजह से मराठी पिछड़ते जा रहे हैं. मराठियों के हक़ के लिए मनसे और भी उग्र आंदोलन करेगा। इन परप्रान्तियों को अपने गाँव जाकर खेती करनी चाहिए।  

यह कोई पहली बार नहीं है कि मनसे परप्रन्तियों के साथ मीरपीट कर रही है। इसके पहले भी मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे के भड़काउ भाषण के कारण कई बार मनसे कार्यकर्ताओ ने गरीब लोगों के साथ मारपीट की है।  






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