अधिकारीयों का ट्रांसफर करवाने वाले गिरोह का भंडाफोड़

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अधिकारीयों का ट्रांसफर करवाने वाले गिरोह का भंडाफोड़

पैसे लेकर अधिकारीयों का ट्रांसफर करवाने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ क्राइम ब्रांच ने किया है। इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार गया है। इनके नाम विद्यासागर हिरमोखे,किशोर माली,विशाल ओंबले और रवींद्रसिंह  मोहब्बत सिंह यादव उर्फ शर्मा है। इनमें से दो आरोपियों की ऊंची राजनीतिक पहुंच बताई जा रही है। हिरमोखे महानंद दूध डेरी का जनरल मैनेजर (अकाउंट और वित्त विभाग) है तो किशोर माली महाराष्ट्र के एक पूर्व मंत्री का पीए बताया जा रहा है। बाकी दोनों आरोपियों में विशाल पुणे का तो शर्मा दिल्ली का रहनेवाला है।

सूत्रों का अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में से एक ने कुछ दिनों पहले सोलापुर के डीसीपी नामदेव चव्हाण से सम्पर्क किया और उन्हें मुंबई में अच्छी जगह पोस्टिंग दिलवाने का लालच दिया। इसके बाद नामदेव ने फौरन अपने वरिष्ठ अधिकारियों को मुंबई में इसकी जानकारी दी। नामदेव ने गुरूवार को चारों को विलेपार्ले के एक फाइव स्टार होटल में मिलने के लिए बुलाया। नामदेव ने चारों की बातों को एक कैमरा में रिकॉर्ड कर लिया। इसके बाद पहले से ही जाल बिछा कर क्राइम ब्रांच ने सभी को गिरफ्तार कर लिया। नामदेव पहले मुंबई क्राइम ब्रांच के ऐंटि नार्कोटिक्स सेल के डीसीपी के रूप में कार्य कर चुके हैं।

पुलिस को आशंका है कि इस केस में कई पूर्व मंत्री व बड़े राजनेताओं के भी नाम सामने आ सकते हैं। वर्तमान सरकार से भी जुड़े कुछ राजनेता या नौकरशाह जांच के घेरे में आ सकते हैं। जांच अधिकारियों ने इस बात के संकेत दिए कि अतीत में जिन अधिकारियों ने इस रैकिट से जुड़े लोगों के सहारे अपने ट्रांसफर करवाए या रूकवाए, उन सबको पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा।


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