मुंबई सेंट्रल में तैनात चार टीसियों ने भरी रेलवे की तिजोरी, हो रही है वाहवाही

वैसे तो रेलवे में बिना टिकट यात्रा करना कानूनन जुर्म है, इसके बाद भी कई यात्री रेलवे में बिना टिकट यात्रा करते हैं। ऐसे लोगों को सबक सिखाते हैं टीसी यानी टिकट कलेक्टर। ये लोग यात्रियों से जुर्माना वसूल करते हैं।

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भारतीय रेलवे (Indian Railway) में काम करने वाले चार लोगों ने एक रिकॉर्ड बना दिया है। ये कोई खिलाड़ी नहीं हैं बल्कि टिकट कलेक्टर (Ticket Collector) हैं। सेंट्रल रेलवे में कम करने वाले ये चारों लोगों ने पिछले साल यानी 2019 में बेटिकट यात्रियों से जुर्माने के रूप में 1.51 करोड़ रुपये की वसूली की है, जो कि एक रिकॉर्ड है।

वैसे तो रेलवे में बिना टिकट यात्रा करना कानूनन जुर्म है, इसके बाद भी कई यात्री रेलवे में बिना टिकट यात्रा करते हैं। ऐसे लोगों को सबक सिखाते हैं टीसी यानी  टिकट कलेक्टर। ये लोग यात्रियों से जुर्माना वसूल करते हैं। मुंबई सेंट्रल में तैनात चार टीसियों से इस बार बिना टिकट यात्रा करने वालों से करोड़ों रुपए की वसूली की है।  

इन्हीं टिकट जांच कर्ताओं में एक एसबी गलांदे भी हैं। गलांदे ने बेटिकट यात्रियों से 1.51 करोड़ रुपये की वसूली की है, यानी औसतन 72 बेटिकट यात्रियों को ये रोज पकड़ते थे।

तो वहीं इन्हीं में से दूसरे टीसी हैं रवि कुमार, जिन्होंने मुफ्त यात्रा कर रहे यात्रियों से 1.45 करोड़ रुपये वसूल किया है। उन्होंने 20657 बेटिकट यात्रियों से वसूली की है।  

इन चारों में दो अन्य लोग हैं एमएम शिंदे और डी.कुमार। शिंदे ने 16035 बेटिकट यात्रियों से 1.07 करोड़ रुपये वसूले हैं जबकि डी.कुमार ने 15264 बेटिकट यात्रियों से 1.02 करोड़ रुपये वसूल किए हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक एक टीसी रोजाना औसतन करीब 8 बेटिकट यात्रियों को पकड़ता है। इसके अलावा एक टीसी सालाना औसतन 6.3 लाख रुपये की वसूली भी करता है।

इन टीसीयों का कहना है कि, उनके लिए यह काम आसान नहीं है। ऐसे कई यात्री हैं जो उलझ जाते हैं झगड़ा करते हैं आपको धमकी देते हैं, साथ ही फर्जी मामलों में फंसाने की भी धमकी देते हैं। इसके बावजूद हम अपना काम करते हैं।

आपको बता दें कि अप्रैल से दिसंबर 2019 के दौरान टीसी पर हमलों के 6 मामले दर्ज किए गये थे।

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