फिल्म 'राम जन्मभूमि' के प्रोड्यूसर वसीम रिजवी के साथ सवा करोड़ की ठगी

विवेक ने आरोपी त्रिलोकचंद और राजेश से फिल्म के फ्लॉप होने का कारण पूछा तो त्रिलोकचंद ने कहा कि, हमें 'भाई' लोगों ने फिल्म को किसी भी सिनेमागृह में प्रदर्शित नहीं करने की धमकी दी थी. इसीलिए फिल्म का वितरण अधिक नहीं हुआ जिससे फिल्म फ्लॉप हो गयी।

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शिया यूपी सेंट्रल वक़्फ़ बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिज़वी अकसर अपने बयानों को लेकर चर्चा में रहते हैं। इस बार ये नहीं बल्कि इनकी फिल्म 'राम जन्मभूमि' चर्चा में आ गयी है। बताया जाता है कि इस फिल्म के वितरण को लेकर फिल्म के को-प्रोड्यूसर के साथ मुंबई के दो लोगों ने 10 करोड़ रुपए की ठगी की है। पुलिस ने दोनों ठगों को गिरफ्तार कर लिया है।

सय्यद वसीम रिजवी फिल्म 'राम जन्मभूमि' के प्रोड्यूसर हैं। जबकि इस फिल्म के को-प्रोड्यूसर हैं विवेक अग्रवाल। फिल्म की डबिंग और पोस्ट प्रोडक्शन काम के लिए विवेक और रिजवी दोनों मुंबई आये। मुंबई में उनकी पहचान त्रिलोकचंद माणिकलाल कोठारी से हुई।

विवेक ने जब अपने काम को त्रिलोकचंद से शेयर किया तो त्रिलोकचंद ने विवेक और रिजवी को आश्वासन दिया कि वो यह काम अपने मित्र के जरिए करवा देगा क्योंकि उसके मित्र की एक कंपनी है जो फिल्म के पोस्ट प्रोडक्शन का काम देखती है। साथ ही त्रिलोकचंद ने फिल्म के वितरण का भी काम करने का आश्वासन देते हुए विवेक से कहा कि वो यह फिल्म भारत के 500 से भी अधिक सिनेमागृह में लगवायेंगा, इसके बाद फिल्म कम से कम 10 करोड़ का बिजनस करेगी।

त्रिलोकचंद की बात सुन कर विवेक और रिजवी दोनों सहमत हो गये, त्रिलोकचंद ने विवेक को अपने मित्र राजेश देव विलास सिंह से मिलवाया। राजेश ने भी विवेक से वही  सारी बात की जो त्रिलोकचंद ने कही थी।

इन सब काम के लिए रिजवी ने राजेश को 10 लाख रुपए दिए, साथ ही अन्य कार्यों जैसे फिल्म के प्रमोशन, पोस्टर्स, मैगजीन प्रिंटिंग, पोस्ट रिलीज, पब्लिसिटी, मार्केटिंग, डिजिटल सर्विस और लेबर चार्ज सहित फिल्म किन-किन राज्यों में रिलीज की जाएगी, कितने सिनेमागृहों में प्रदर्शित होगी, कितने शो चलेंगे इन सब के कार्यों के लिए अलग से सवा करोड़ रुपए दिए. यही नहीं इन सभी के बीच एक अग्रीमेंट भी साइन किया गया, जिसमें यह सारी बातें लिखी हुईं थीं।

जब फिल्म 29 मार्च को रिलीज हो गयी तब एग्रीमेंट के मुताबिक फिल्म की कमाई उतनी नहीं हुई जितनी इन दोनों ने विवेक और रिजवी को बताई थी। जब विवेक ने आरोपी त्रिलोकचंद और राजेश से फिल्म के फ्लॉप होने का कारण पूछा तो त्रिलोकचंद ने कहा कि, हमें 'भाई' लोगों ने फिल्म को किसी भी सिनेमागृह में प्रदर्शित नहीं करने की धमकी दी थी. इसीलिए फिल्म का वितरण अधिक नहीं हुआ जिससे फिल्म फ्लॉप हो गयी।

लेकिन विवेक और रिजवी को त्रिलोकचंद की इन बातों पर यकीन नहीं हुआ, दोनों ने जब इस बारे में और कुछ लोगों से पूछताछ की तो इन दोनों के द्वारा पैसों के घपला करने की बात सामने आई। इसके बाद विवेक और रिजवी ने दोनों आरोपियों के खिलाफ अंबोली पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई।जिसके बाद पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया। अब इस मामले में आगे की जांच प्रॉपर्टी सेल को सौंप दी गयी है। दोनों आरोपियों को कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया है।

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