दिवाली पत्रिकाओं की बढ़ी मांग

 Mumbai
दिवाली पत्रिकाओं की बढ़ी मांग
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मुंबई- दिवाली पत्रिकाओं का इतिहास 108 साल पूराना है। दिवाली अंक में सिनेमा, साहित्य, संस्कृती, कला, विज्ञान , खेल आदी का समावेश होता है। इस साल दिवाली पत्रिकाओं के विशेषांक की मांग में पिछलें साल से 30 से 50 फिसदी की बढ़ोत्तरी देखी गई। इंटरनेट पर दिवाली की इ मैंगजिन भी मुफ्त में पढ़ सकते है। आयडियल बुक डेपो के व्यवस्थापक अनिकेत तेंडुलकर की दी गई जानकारी के अनुसार आवाज, माहेर, शतायुषी, गृहसंकेत, ग्रहांकित जैसे मैगजिन की मांग बाजारों में ज्यादा है।

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