आज से पितृ पक्ष शुरु, न करें यह काम

पितृ पक्ष को मरथक का दिन कहा जाता है यानी ये 15 दिन अशुभ होते हैं, इन दिनों कोई भी शुभ कार्य या नया काम नहीं करना चाहिए।

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शुक्रवार, 13 सितंबर से पितृ पक्ष शुरु हो रहा है. 15 दिन तक चलने वाला यह पितृ पक्ष 28 सितंबर तक चलेगा. पितृ पक्ष के दौरान लोग श्राद्ध कर्म करते हैं। जिनके मां या पिताजी गुजर चुके होते हैं ऐसे लोग या फिर लोग अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति और उन्हें प्रसन्न करने के लिए इस दौरान तर्पण का नियम है। मान्यता है कि  पितृपक्ष के दौरान पितृ गढ़ पृथ्वी पर आते हैं, जिससे यह विधान किया जाता है।

पितृ पक्ष को मरथक का दिन कहा जाता है यानी ये 15 दिन अशुभ होते हैं, इन दिनों कोई भी शुभ कार्य या नया काम नहीं करना चाहिए। इन दिनों कई ऐसे काम हैं जिन्हें नहीं करना चाहिए, आइये जानते हैं वो काम...

1.श्राद्ध पक्ष में भिखारियों और जरूरतमंद को खाली हाथ नहीं जाने देना चाहिए और  चाहिए। इससे पितृ नाराज हो सकते हैं। जिसके चलते आपको पितृ दोष का प्रकोप झेलना पड़ सकता है।

2.पितृ पक्ष के दौरान कुत्ते, बिल्ली, कौवा आदि पशु—पक्षियों का अपमान नहीं करना चाहिए। क्योंकि माना जाता है कि पितृ गढ़ धरती पर इन्हीं में से किसी का रूप धारण करके आते हैं।  

3.पितृ पक्ष के दौरान लोहे के बर्तनों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए, इसमें खाना देने से पितृ नाराज हो सकते हैं। इससे पितृ दोष भी लग सकता है। पितरों को प्रसन्न करने के लिए हमेशा पीतल, कांसा व पत्तल की थाली व पात्र का प्रयोग करना चाहिए। 

4.श्राद्ध पक्ष में पितरों को भोजन दिए बिना खुद खाना न खाएं। ऐसा करना उनका अनादर करने के समान होता है। इसलिए पंद्रह दिनों तक भोजन करने से पहले अपने पूवजों के लिए भोजन का कुछ अंश जरूर निकालें।

5.अगर आप कोई नई चीज खरीने जा रहे हैं या नया काम शुरू करना चाहते है तो श्राद्ध पक्ष में इन्हें टाल दें। क्योंकि इन दिनों को अशुभ माना जाता है। इनमें किए गए काम में सफलता नहीं मिलती है।

6.चतुर्दशी को श्राद्ध क्रिया नहीं करनी चाहिए। इस दिन महज वो लोग तर्पण करें जिनके पूर्वजों की मृत्यु इसी तिथि में हुई हो।

7. श्राद्ध पक्ष के दौरान पुरुषों को 15 दिनों तक अपने बाल एवं दाढ़ी—मूंछें नहीं कटवानी चाहिए। क्योंकि ये शोक का समय होता है।

8. पितृपक्ष में श्राद्ध क्रिया करने वाले व्यक्ति को पान, दूसरे के घर का खाना और शरीर पर तेल नहीं लगाना चाहिए। क्योंकि ये अशुद्ध होते हैं।

9. पितृ पक्ष के दौरान चना, मसूर, सरसों का साग, सत्तू, जीरा, मूली, काला नमक, लौकी, खीरा एवं बासी भोजन के सेवन से भी बचें। इन्हें नहीं खाना चाहिए।

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