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Shukranu Review: हंसाने के साथ साथ रुलाती भी है दिव्येंदु की नशबंदी

'प्यार का पंचनामा' के लिक्विड और 'मिर्जापुर' के मुन्ना 'शुक्राणु' लेकर आ गए हैं। यह एक वेब फिल्म है, जिसमें अपनी शानदार परफॉर्मेंस से दिव्येंयु शर्मा ने जहां सरप्राइज किया है, वहीं फिल्म की लीड एक्ट्रेस श्वेता बसु और शीतल ठाकुर ने धमाल मचा दिया है।

Shukranu Review: हंसाने के साथ साथ रुलाती भी है दिव्येंदु की नशबंदी
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'प्यार का पंचनामा' के लिक्विड और 'मिर्जापुर' के मुन्ना 'शुक्राणु' लेकर आ गए हैं। यह एक वेब फिल्म है, जिसमें अपनी शानदार परफॉर्मेंस से दिव्येंयु शर्मा ने जहां सरप्राइज किया है। वहीं फिल्म की लीड एक्ट्रेस श्वेता बसु प्रसाद और शीतल ठाकुर ने धमाल मचा दिया है। फिल्म की कहानी 1975 की इमरजेंसी के बैकग्राउंड में गढ़ी गई है। जब लोगों की जबरन नशबंदी कर दी जाती थी। और यह पहल परिवार नियोजन को लेकर उठाई गई थी। 

इंदर (दिव्येंदु शर्मा) शादी से 2 दिन पहले नशबंदी का शिकार हो जाता है। जिसके चलते वह अपनी पत्नी रीमा (श्वेता बसु प्रसाद) के साथ कंफर्टेबल फील नहीं करता है। पर परिवार के दबाव में आकर वह एक हकीम का सहारा लेता है। जहां, उसे सलाह दी जाती है कि वह सेक्स कर सकता है पर बच्चा पैदा नहीं कर सकता। जिसके बाद इंदर की जान में जान आती है और अपने टूटते रिश्ते को वह एक नई पहचान देता है। पर आफत उस वक्त आ जाती है, जब रीमा प्रेग्नेंट हो जाती है। वहीं परेशान इंदर आकृति (शीतल ठाकुर) नाम की लड़की से भी अट्रैक्ट हो जाता और बात शादी तक पहुंच जाती है। अब क्या रीमा को इंदर अपनाएगा, या आकृति से शादी रचाएगा? इन सारे सवालों के जवाब जानने के लिए आपको फिल्म देखनी होगी। जो कि 14 फरवरी को ZEE5 पर रिलीज होगी। 

दिव्येंदु शर्मा के पास भले ही बड़ी फिल्में ना हो, उन्हें कार्तिक आर्यन की तरह पहचान ना मिली हो, पर उनकी एक्टिंग हमेशा से शानदार रही है। इस फिल्म में भी दिव्येंदु की एक्टिंग देखते बनती है। कन्फूयजन हो, कॉमेडी हो या फिर इमोशनल मोमेंट दिव्येंदु अपने एक्सप्रेशन से दंग करते नजर आए हैं। 'मकड़ी' एक्ट्रेस श्वेता बसु ने अपने किरदार की नब्ज को पकड़ा है। वे अपने किरदार में एकदम फिट बैठी हैं। वहीं बात करें शीतल ठाकुर की तो उन्होंने भी फिल्म में अपनी बेहतरी एक्टिंस से दिल जीता है। लीड एक्टर के अलावा सपोर्टिंग कास्ट भी कमाल की है।

बिष्णु देव हलदर एक नेशनल अवॉर्ड विनर डायरेक्टर है, जिसकी छलक इस फिल्म में नजर आती है। जिस तरह से उन्होंने एक सेंसटिव मुद्दे को हल्के रूप में पेश किया है, वह काबले तारीफ है।

अगर आप जानना चाहते हैं कि नशबंदी की वजह से लोगों कि किस तरह से जिंदगी बदली होगी तो आपको यह फिल्म जरूर देखनी होगी। और खास बात यह है कि इस फिल्म को देखने के लिए आपको थिएटर में नहीं जाना है। अगर आपके पास ZEE5 का सब्सक्रिप्शन है तो आप इसे घर पर बैठकर ही देख सकते हैं। हम इस फिल्म को 5 में से 3.5 स्टार देते हैं।  


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