अब कक्षा दूसरी तक के छात्रों को 'नो होमवर्क'


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सीबीएसई बोर्ड ने स्कूल में पढ़ने वाले उन छोटे छोटे बच्चों को ख़ुशी प्रदान की है जो भारी बस्ते और होमवर्क के कारण अपना बचपन खोते जा रहे थे। मद्रास हाईकोर्ट के द्वारा फैसला लिया गया है कि अब दूसरी कक्षा तक के बच्चों को होमवर्क नहीं दिया जाएगा। अभी तो सीबीएसई बोर्ड ने ने ही मद्रास हाईकोर्ट के फैसले का पालन किया है साथ ही जल्द ही सभी स्कूलों को आदेश जारी कर दिया गया है।

यह मामला कोर्ट में काफी लंबे समय से विचाराधीन था। कोर्ट के इस आदेश के बाद सीबीएसई बोर्ड ने अपने सभी स्कूलों को परिपत्रक जारी करते हुए स्कूल राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा 2005 के तहत नियमों का पालन करने का फरमान जारी किया है। साथ ही एनसीईआरटी ने पहली और दूसरी क्लास के लिए मात्र तीन-तीन पुस्तकें निर्धारित कर रखी हैं।

क्या है परिपत्रक में ?
 CBSE द्वारा जारी परिपत्रक के अनुसार मुंबई सहित राज्य के अन्य सीबीएसई के कक्षा दूसरी तक के छात्रों को होमवर्क नहीं देने की जिम्मेदारी प्रिंसिपल और शिक्षकों की है। बच्चों को स्कूल में दबाव में नहीं बल्कि हंसते और खेलते हुए पढाई करनी चाहिए। 

हमारे स्कूल में बच्चों को होमवर्क नहीं दिया जाता बल्कि हम उन्हें चित्रकला और हस्तकला जैसे एक्टिविटी वाले काम देते हैं। इससे बच्चों में सिखने की इच्छा का विकास होता है।
 
तन्वी त्रिवेदी, शिक्षिका, छबिलदास हाईस्कूल

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