सीबीएसई बोर्ड ने बदला प्रश्नपत्र का फ़ॉर्मेट, ऑब्जेक्टिव प्रश्न होंगे अधिक

नए प्रश्नपत्र में प्रश्नों को आसानी से सुलझाया जा सकेगा इसके साथ ही प्रश्नों को अलग-अलग भागों में विभाजित भी किया किया जाएगा। वऑब्जेक्टिव प्रश्न केवल एक सेक्शन में होंगे, अधिक अंक वाले प्रश्न अधिक होंगे।

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केंद्रीय माध्यमिक शिक्षण मंडल(सीबीएसई) के 12वीं की परीक्षा 15 फरवरी से तो 10वीं की परीक्षा 21 फरवरी से शुरू होगी। सीबीएसई को अन्य बोर्ड एग्जाम की अपेक्षा कठिन एग्जाम माना जाता है, इसमें पास होने वाले छात्रों की संख्या भी अन्य बोर्ड के छात्रों की अपेक्षा कम होती है। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा, सीबीएसई इस कथित रुप से फैले अफवाह को रोकने का निर्णय लिया है। इसके लिए उसने अपने एग्जाम पेपर के फोर्मेट को बदलने का निर्णय लिया है ताकि अधिक से अधिक बच्चे पास हो सके।

बताया जाता है कि सीबीएसई बोर्ड ने निर्णय किया है कि अब वह प्रश्नपत्रों में ऑब्जेक्टिव प्रश्न अधिक पूछेगी। हर बार ऑब्जेक्टिव प्रश्नों की संख्या मात्र 10 फीसदी ही होती थी लेकिन इस बार इसे बढ़ा कर 25 फीसदी तक करने के निर्णय लिया गया है। यही नहीं इन ऑब्जेक्टिव प्रश्नों के भी विकल्प के रूप में छात्रों को चुनने के लिए मिलेंगे।

नए प्रश्नपत्र में प्रश्नों को आसानी से सुलझाया जा सकेगा इसके साथ ही प्रश्नों को अलग-अलग भागों में विभाजित भी किया किया जाएगा। वऑब्जेक्टिव प्रश्न केवल एक सेक्शन में होंगे, अधिक अंक वाले प्रश्न अधिक होंगे। 

यही नहीं पिछली बार सीबीएसई बोर्ड के दसवीं और बारहवीं अर्थशास्त्र का पेपर लीक हो गया था, इस बार ऐसा न हो इसके लिए गोपनीय दस्तावेज को संभाल कर रखने वाले परीक्षा नियंत्रक रियल टाइम ट्रैकिंग सिस्टम के तहत काम करेंगे ताकि वे वास्तविक समय पर नजर रख सके।

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