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महाराष्ट्र पब्लिक सर्विस कमीशन MPSC ने 2027 से स्टेट सर्विसेज़ मेन एग्जाम से ऑप्शनल सब्जेक्ट हटाया


महाराष्ट्र पब्लिक सर्विस कमीशन MPSC ने 2027 से स्टेट सर्विसेज़ मेन एग्जाम से ऑप्शनल सब्जेक्ट हटाया
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महाराष्ट्र पब्लिक सर्विस कमीशन, यानी MPSC ने एग्जाम पैटर्न में अब तक का सबसे बड़ा और ऐतिहासिक बदलाव करने का फैसला किया है।MPSC अब साल में 3 बार एग्जाम कराएगा और मेन एग्जाम से ऑप्शनल सब्जेक्ट को भी पूरी तरह से हटा दिया गया है। कमीशन ने यह बड़ा फैसला स्टूडेंट्स का मेंटल स्ट्रेस कम करने और उन्हें ज़्यादा मौके देने के लिए लिया है। यह नया बदलाव साल 2027 से लागू होगा, जिससे कॉम्पिटिटिव एग्जाम की दुनिया में एक नए दौर की शुरुआत होगी।(Maharashtra Public Service Commission MPSC removes optional subject from State Services Main Exam from 2027)

एग्जाम का नया पैटर्न कैसा होगा?

अभी के सिस्टम के हिसाब से, MPSC के प्रीलिमिनरी एग्जाम साल में सिर्फ़ एक बार होते हैं। इस वजह से, एक साल पढ़ाई करने के बाद भी एक दिन एग्जाम खराब हो जाता था। फिर स्टूडेंट्स का पूरा साल बर्बाद हो जाता था और उन्हें बहुत ज़्यादा मेंटल प्रेशर का सामना करना पड़ता था।

अब इस स्ट्रेस को दूर करने के लिए, तीनों एग्जाम, महाराष्ट्र सिविल सर्विसेज़ गजेटेड ग्रुप-A और ग्रुप-B कंबाइंड प्रीलिमिनरी एग्जाम, महाराष्ट्र ग्रुप-B सर्विस प्रीलिमिनरी एग्जाम और महाराष्ट्र ग्रुप-C सर्विस प्रीलिमिनरी एग्जाम, साल में दो या उससे ज़्यादा बार, यानी कुल 3 बार होंगे।

स्टूडेंट्स का भविष्य सिर्फ़ एक दिन के एग्जाम पर निर्भर नहीं करेगा, उन्हें खुद को साबित करने के लिए एक ही साल में कई मौके मिलेंगे।

मेन एग्जाम से ऑप्शनल सब्जेक्ट हटाए गए

इन सभी बदलावों में दूसरा सबसे बड़ा फैसला यह है कि स्टेट सर्विसेज़ मेन एग्जाम से ऑप्शनल सब्जेक्ट पूरी तरह से हटा दिए गए हैं। इस फैसले से, कैंडिडेट्स को अब ऑप्शनल सब्जेक्ट के 2 पेपर नहीं देने होंगे। स्टूडेंट्स लंबे समय से इन सब्जेक्ट्स की मांग कर रहे थे।

इस फैसले से, अब सभी स्टूडेंट्स बराबरी से मुकाबला कर पाएंगे, और ऑप्शनल सब्जेक्ट चुनने और उनमें मिले मार्क्स के अंतर की चिंता अब खत्म हो जाएगी।

OMR शीट बंद, अब ऑनलाइन एग्जाम

MPSC ने न सिर्फ़ एग्जाम की संख्या बढ़ाई है, बल्कि पूरे प्रोसेस को भी बदल दिया है। अब तक होने वाला ट्रेडिशनल OMR शीट (पेपर-पेन) एग्जामिनेशन का तरीका अब बंद हो जाएगा। इसकी जगह अब कंप्यूटर बेस्ड ऑनलाइन एग्जामिनेशन यानी CBT (कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट) होगा।

चूंकि एग्जामिनेशन ऑनलाइन होगा, इसलिए पूरे प्रोसेस में ज़्यादा ट्रांसपेरेंसी आएगी और कमीशन एग्जामिनेशन के रिजल्ट बहुत जल्दी घोषित कर पाएगा।

नॉर्मलाइजेशन मेथड और मेन एग्जामिनेशन के नियम

एग्जाम साल में 3 बार और अलग-अलग सेशन में होगा। सभी स्टूडेंट्स का सही इवैल्यूएशन पक्का करने के लिए, कमीशन ने नॉर्मलाइजेशन मेथड यानी नॉर्मलाइजेशन मेथड लागू करने का फैसला किया है।

इस नए नियम के मुताबिक, साल में दो या उससे ज़्यादा बार होने वाले प्रीलिमिनरी एग्जामिनेशन में से किसी एक में पास होने वाले सभी कैंडिडेट उस साल के मेन एग्जामिनेशन के लिए एलिजिबल माने जाएंगे।

कमीशन ने साफ किया है कि प्रीलिमिनरी एग्जामिनेशन साल में 3 बार होगा, लेकिन मेन एग्जाम साल में सिर्फ एक बार होगा।

2027 से लागू होगा नया फैसला

MPSC की एग्जामिनेशन कंट्रोलर और जॉइंट सेक्रेटरी सरिता बांदेकर-देशमुख की दी गई जानकारी के मुताबिक, यह पूरी तरह से नया और बदला हुआ प्रोसेस 2027 में होने वाली प्रीलिमिनरी एग्जाम से पूरी तरह लागू हो जाएगा। कमीशन जल्द ही एक अलग प्रेस रिलीज़ जारी करके इस बारे में डिटेल में जानकारी देगा कि इन दो या उससे ज़्यादा प्रीलिमिनरी एग्जाम से कैंडिडेट मेन एग्जाम के लिए कैसे क्वालिफाई होंगे।

यह भी पढ़ें- महाराष्ट्र - कथित पेपर लीक के बाद TET 2026 की तारीख आगे बढ़ी

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