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राज्यभर में कॉलेज शिक्षको का 11 सितंबर को कामबंद आंदोलन की चेतावनी


राज्यभर में कॉलेज शिक्षको का 11 सितंबर को कामबंद आंदोलन की चेतावनी
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5 सितंबर को महाराष्ट्र में शिक्षक दिवस के रूप में जाना जाता है। हालांकी शिक्षक दिवस के एक दिन पहले 4 सितंबर को इन सभी शिक्षको को जेल भरो आंदोलन करना पड़ा था। राज्य सरकार ने शिक्षकों की पूर्ण भर्ती पर प्रतिबंध लगा दिया है। दरअसल शिक्षा के क्षेत्रों अभी भी कई भर्तियां खाली है। लेकिन सरकार इन पदों पर भर्तियां नहीं कर रही है , जिसके कारण इसे लेकर शिक्षको में काफी आक्रिश है। महाराष्ट्र प्राध्यापक महासंघ (एमफुक्टो) की ओर से जेल भरो आंदोलन का आयोजन किया गया। इस आंदोलन में 1000 से 1500 शिक्षकों ने भाग लिया।

शिक्षकों की भर्ती पर पूर्ण प्रतिबंध
25 मई, 2017 को महाराष्ट्र सरकार द्वारा घोषित सरकारी संकल्प के अनुसार, महाराष्ट्र में शिक्षकों की भर्ती पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। यही कारण है कि विभिन्न कॉलेजों में कॉट्रेक्ट के आधार पर शिक्षकों की भर्ती की जा रही है, और उन्हें सरकारी छुट्टियों, नियमित वेतन, पेंशन इत्यादि जैसी सुविधाओं का फायदा नहीं हो रहा ही। इन सभी शिक्षकों को केवल 6 हजार से 18 हजार रुपये या प्रति घंटे 300 रुपये प्रति घंटे का भुगतान किया जा रहा है। इसके अलावा, एक शिक्षक को 120 से 130 छात्रों के पेपर सेट करने और उनकी जांच करने का भी कार्य करना पड़ता है।

11 सितंबर को एक दिन का काम बंद आंदोलन

एमफुक्टो के अध्यक्ष प्रा डॉ. तपती मुखोपाध्याय का कहना है की जेल भरो आंदोलन के बाद अब हम शिक्षा मंत्री विनोद तावड़े के कार्यक्रमों में शांत तरीके से विरोध प्रदर्शन करेंगे। इसके साथ ही अगर हमारी मांग नहीं मानी जाती है तो 11 सितंबर को एक दिन का काम बंद आंदोलन किया जाएगा, एक दिन के काम बंद आंदोलन के बाद भी अगर सरकार ने हमाी मांगो को नहीं माना तो 25 सितंबर से अनिश्चित कालिन कामबंद किया जाएगा।

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