PWD सिविल इंजीनियर एग्जाम: 5 मिनट देरी से पहुंचने पर 20 परीक्षार्थियों को एग्जाम देने की नहीं मिली अनुमति

परीक्षा देने से वंचित 20 परीक्षार्थियों ने बताया कि परीक्षार्थियों की संख्या काफी अधिक थी, इसीलिए सेंटर तक पहुंचने के लिए साधन नहीं मिल रहा था, साथ ही ट्राफिक लंबा जाम भी लगा हुआ था। इसके बावजूद जो लोग 5 मिनट की भी देरी से सेंटर पहुंचे थे उन्हें भी अंदर नहीं जाने दिया गया।

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अगर परीक्षार्थी नौकरी पाने के लिए कंपटीशन की परीक्षा में बैठने के लिए साल भर मेहनत से पढ़ाई करे, लेकिन परीक्षा के दिन ही परीक्षार्थी को परीक्षा में न बैठने दिया जाए तो, ऐसी स्थिति में परीक्षार्थी के दिल पर क्या बीतेगी वह उससे अधिक कोई नहीं जानेगा। इसी तरह की एक घटना मुंबई से सामने आई है, जहां सैकड़ों परीक्षार्थियों को परीक्षा में इसीलिए नहीं बैठने दिया गया क्योंकि वे ट्राफिक जाम के कारण 5 से 10 मिनट की देरी से पहुंचे थे।

क्या है मामला?
बता दें कि मंगलवार यानी 12 फरवरी को PWD सिविल इंजीनियर के पद के लिए रिक्तियां घोषित की गयीं थीं। इस परीक्षा का सेंटर बांद्रा के थंडोमल शाहनी इंजीनियरिंग कॉलेज में भी गया था। परीक्षा का समय सुबह 9:30 से था। इस परीक्षा में कई परीक्षार्थी जलगाँव, नासिक, कोंकण, पुणे जैसे शहरों से भी आए हुए थे।

परीक्षा देने से वंचित 20 परीक्षार्थियों ने बताया कि परीक्षार्थियों की संख्या काफी अधिक थी, इसीलिए सेंटर तक पहुंचने के लिए साधन नहीं मिल रहा था, साथ ही ट्राफिक लंबा जाम भी लगा हुआ था। इसके बावजूद जो लोग 5 मिनट की भी देरी से सेंटर पहुंचे थे उन्हें भी अंदर नहीं जाने दिया गया।

परीक्षार्थियों ने बताया कि उन्होंने अपने कैरियर का हवाला देते हुए लाख मिन्नतें की इसके बावजूद उन्हें परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं मिली।

इसके बाद कुछ हताश और परेशान परीक्षार्थियों ने बीजेपी की छात्र इकाई पार्टी अखिल भारतीय जनता पार्टी के नेताओं को फोन कर मौके पर बुला लिया। ABVP के कई लोग मौके पर पहुंच कर वहां नारेबाजी की, साथ ही इस बाबत शिक्षा मंत्री विनोद तावड़े और केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर को ट्वीट कर जानकारी दी।

इसके पहले भी हो चूका है विवाद 
आपको बता दें कि इसके पहले भी 30 जनवरी को भी न्यू इंडिया इन्सुरेंस असिस्टेंस ऑफिसर की परीक्षा का आयोजन किया गया था। इस परीक्षा का सेंटर पवई गया था। वहां JVLR के रस्ते परीक्षा देने जा रहे लगभग 40 परीक्षार्थियों को ट्राफिक जाम के कारण सेंटर पहुंचने में देरी हो गयी जिसके बाद उन्हें भी परीक्षा देने की अनुमति नहीं दी गयी थी।

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