धन्य है MU, जिस कंपनी के करवाई जग हंसाई उसे दिया 1.18 करोड़ की बिल


SHARE

जिस मेरीट ट्रॅक कंपनी के कारण मुंबई यूनिवर्सिटी की फजीहत हुयी है उसी कंपनी को मुंबई यूनिवर्सिटी ने 1.18 करोड़ रूपये चुकाए। यह जानकारी एक RTI के द्वारा मांगी गयी सवाल के तहत मिली। मेरिट ट्रैक कंपनी ही MU का ऑनलाइन रिजल्ट चेक कर रहे थी, लेकिन यह रिजल्ट 45 दिनों में जारी होने के बजाय लगभग 5 से 6 महीने लग गए जिससे MU की काफी आलोचना हुयी थी।

अभी भी 3 करोड़ का बिल बाकी 

जाने माने RTI एक्टिविस्ट अनिल गलगली ने जनसूचना अधिकार के तहत जानकारी मांगी थी कि MU की तरफ से मेरिट ट्रैक कंपनी को कितनी रकम चुकाई गयी। इसके जवाब में MU ने अनिल गलगली को जानकारी दी कि मेरीट ट्रैक सर्विस प्रा.लि. कंपनी की तरफ से MU को दो बिल दिए गए थे। पहला बिल 18 मई को दिया गया था जिसकी रकम 1.48 करोड़ की थी जबकि दूसरा बिल लगभग 2,70 करोड़ रूपये का था जो 16 अगस्त को भेजा गया था। इन दोनों बिल की रकम जोड़ने पर कुल बिल लगभग 4.18 करोड़ रूपये का होता है, जिसमें से MU ने 1.18 करोड़ का बिल चूका दिया है और अभी भी लगभग 3 करोड़ का बिल बाकी है।    

अनिल गलगली के अनुसार जिस कंपनी मेरिट ट्रैक के कारण यूनिवर्सिटी को इतनी फजीहत झेलनी पड़ी उस कंपनी को ब्लैक लिस्ट में डालने के बजाय उस पर इतनी मेहरबानी क्यों?

राजयपाल विद्यासागर राव, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, शिक्षा मंत्री विनोद तावडे, कुलपति  प्रो. देवानंद शिंदे को इस विषय पर पत्र लिखा गया है। इस पत्र में कंपनी को आगे की रकम अदा नहीं करने और कंपनी पर जुर्माना लगाने की मांग की गयी है।

- अनिल गलगली, RTI एक्टिविस्ट

संबंधित विषय
ताजा ख़बरें