बायोमेट्रिक तरीके से होगा छात्रों को अटेंडेंस


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लगातार पिछलें कई सालों से शिकायतें आ रही थी की जूनियर कॉलेज के विज्ञान कॉलेज के छात्र नियमित कक्षाओं में भाग लेने के दौरान केवल प्रेक्टिकल कक्षाओं में ही अपनी उपस्थिती दर्ज कराते है, इस बारे में विधायको ने कई बार इस बारे में सवाल भी खड़ा किया है। लिहाजा जूनियर कॉलेजों के विज्ञान कॉलेज के छात्रों की उपस्थिति बॉयोमीट्रिक तरीके से शुरू की जाएगी ताकि इन सभी को रोका जा सके। सरकार ने शुक्रवार को इस बारे में एक निर्णय भी लिया।


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सरकार के इस फैसले के बाद अब इंटिग्रेटेड कॉलेजों की मनमानी पर रोक लगेगी। इस बारे में युवासेना ने भी एक आंदोलन किया था। जहां एक ओर अखिल भारतीय विद्यार्थी सेना ने इसका स्वागत किया है तो वही दूसरी ओर Students' Federation of India (एस एफ आय) ने इसका विरोध किया है।

बॉयोमीट्रिक उपस्थिति क्या है
आने वाले शैक्षणिक वर्ष में, बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली का उपयोग किया जाएगा और इस उद्देश्य के लिए रिमोट मॉनिटरिंग डिवाइस का उपयोग किया जाएगा। इस मशीन पर, छात्रों की अपने अंगूठे के निशान लगाने होंगे जिससे छात्र की उपस्थिती मानी जाएगी।

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ऐसा होगा नया नियम
सभी निजी सहायता, गैर-सहायताप्राप्त, आंशिक रूप से सहायता प्राप्त, सहायता समर्थ जूनियर विज्ञान के छात्रों की उपस्थिति के लिए अब बायोमैट्रिक उपस्थिती अनिवार्य होगी। मुंबई, पुणे, नागपुर, नासिक और औरंगाबाद में शैक्षणिक वर्ष आ रहा है , इन पांच क्षेत्रों के सभी जूनियर कॉलेजों के विज्ञान शाखा के छात्रों की उपस्थिति बायोमेट्रिक के लिए अनिवार्य होगी।

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