महाराष्ट्र सरकार को सुप्रीम कोर्ट से झटका, स्नातकोत्तर मेडिकल पाठ्यक्रमों में 10 प्रतिशत स्वर्ण कोटा पर रोक

शीर्ष अदालत ने कहा कि नवंबर 2018 में प्रवेश प्रक्रिया शुरू होने के बाद राज्य इसे लागू नहीं कर सकते।

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सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को  महाराष्ट्र सरकार को झटका देते हुए स्नातकोत्तर मेडिकल पाठ्यक्रमों में शैक्षणिक वर्ष 2019-20 के लिए 10 प्रतिशत स्वर्ण कोटा लागू करने के राज्य के फैसले पर रोक लगा दी।  शीर्ष अदालत ने कहा कि नवंबर 2018 में प्रवेश प्रक्रिया शुरू होने के बाद राज्य इसे लागू नहीं कर सकते।

अंतरिम आदेश जारी

शीर्ष अदालत के इस फैसले से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) श्रेणी के कम से कम 25 उम्मीदवार प्रभावित होंगे।महाराष्ट्र सरकार ने सात मार्च को इसके लिए नोटिफिकेशन जारी किया । दाखिला प्रक्रिया शुरू होने के बाद इसे लागू नहीं किया जा सकतासुप्रीम कोर्ट ने नोटिफिकेशन पर रोक लगा दी है। सुप्रीम कोर्ट ने ये अंतरिम आदेश जारी किया है।

जनहित अभियान नामक संगठन ने महाराष्ट्र में मेडिकल व डेंटल पीजी दाखिलों में सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को 10 फीसदी आरक्षण देने का विरोध किया है और इसे रद्द करने की मांग की है। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने इस संबंध में महाराष्ट्र सरकार से उसका पक्ष पूछा था। सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से इस याचिका को खारीज करने की मांग की है। 

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