यौन उत्पीडऩ के खिलाफ प्रशिक्षण

 Pali Hill
यौन उत्पीडऩ के खिलाफ प्रशिक्षण

मुंबई – काम की जगह पर होने वाले यौन उत्पीडऩ के खिलाफ कानून और उसके के इस्तेमाल का प्रशिक्षण राज्य के प्रत्येक महाविद्यालय में दिया जाएगा। यह प्रशिक्षण 13 यूनिवर्सिटी के अंर्तगत आने वाले कॉलेजों को राज्य महिला आयोग ने अनिवार्य किया है। वहीं प्रशिक्षण की रिपोर्ट सभी कॉलेजों को मार्च के आखिर तक आयोग को सौंपनी होगी। यह जानकारी  राज्य महिला आयोग की अध्यक्षा विजया रहाटकर ने मुंबई लाइव को दी है। 

कॉलेजों में शिकायत निवारण समिति के तीन सदस्य और प्राचार्य आयोग के कानून के जानकार व्यक्ति के द्वारा प्रशिक्षण दिया जाएगा। विद्यार्थियों को प्रशिक्षण देना आवाश्यक है। विजया रहाटकर का कहना है कि वर्किंग प्लेस पर बढ़ते लैंगिक अत्याचार के चलते यह कदम उठाया गया है।

विशाखा (कार्यस्थल) कानून, 2012 में बताया गया है कि किन परिस्थितियों में एक महिला कार्यस्थल पर किन स्थितियों के खिलाफ अपनी शिकायत दर्ज करा सकती है, यह स्थितियां निम्न प्रकार की हो सकती हैं-

  • यदि किसी महिला पर शारीरिक सम्पर्क के लिए दबाव डाला जाता है या फिर अन्य तरीकों से उस पर ऐसा करने के लिए दबाव बनाया जा रहा है या बनाया जाता है। 
  • यदि किसी भी सहकर्मी, वरिष्ठ या किसी भी स्तर के कार्मिक द्वारा उससे यौन संबंध बनाने के लिए अनुरोध किया जाता है या फिर उस पर ऐसा करने के लिए दबाव डाला जाता है। 
  • किसी भी महिला की शारीरिक बनावट, उसके वस्त्रों आदि को लेकर भद्दी, अशालीन टिप्पणियां की जाती हैं तो यह भी एक कामकाजी महिला के अधिकारों का हनन है। 
  • किसी भी महिला को किसी भी तरह से अश्लील और कामुक साहित्य दिखाया जाता है या ऐसा कुछ करने की कोशिश की जाती है।
  •   किसी भी तरह से मौखिक या अमौखिक तरीके से यौन प्रकृति का अशालीन व्यवहार किया जाता है।   

 

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