याद आए कवि मंगेश पाडगावकर

 Dadar
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दादर - पद्मभूषण और महाराष्ट्र भूषण जैसे पुरस्कार से सम्मानित कवि मंगेश पाडगावकर की प्रथम पुण्यतिथि मनाई गई । पिछले साल 30 दिसंबर को 83 वर्ष की अवस्था में उनका निधन हो गया था। वैसे तो इनकी अनेक रचनाएं लोगों को पसंद हैं लेकिन ‘मी कुठे म्हणालो परी मिलावी, फक्त जरा बरी मिलावी’ रचना काफी विवादित रही। इनकी पुण्यतिथि के अवसर पर चिंतामणी सोहोनी जैसे गायक-संगीतकार ने पाडगावकर की कविताओं के माध्यम से उन्हें श्रद्धांजलि दी। इन कविताओं का प्रकाशन गुरूवार को वीर सावरकर के स्मारक पर प्रकाशन किया गया। दरअसल यह कविताएं पाडगावकर की नहीं थी बल्कि धुले जिले के कलेक्टर दिलीप पांढरपट्टे की थी। जब इस संदर्भ में पांढरपट्टे से सम्पर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि ‘मी कुठे म्हणालो परी मिलावी, फक्त जरा बरी मिलावी’ गाते हुए बताया कि कविता आजतक छापी ही नहीं गई। इस मौके पर अभिनेता अभिजित पानसे, मनसे चित्रपट सेना के अध्यक्ष अमेय खोपकर सहित मंगेश पाडगावकर के बेटे अजित और बेटी अंजली भी उपस्थित थी।

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