मैंने ऐसा कुछ नहीं कहा कि मुझे गद्दार कहा जाए - नसीरुद्दीन शाह

अभिनेता नसीरुद्दीन शाह ने अपने एक इंटरव्यूह में विवादित बयान देते हुए कहा था कि देश के माहौल में काफी जहर फैल चुका है। मुझे मेरे बच्चों को लेकर चिंता है। यहां एक पुलिस इंस्पेक्टर की मौत से ज्यादा अहमियत गाय की मौत को दी जा रही है।

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अपने बयान को लेकर मचे बवाल के बाद अब अभिनेता नसीरुद्दीन शाह ने सफाई दी है, उन्होने अजमेर में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि, 'मैंने जो भी कहा था, वह एक चिंतित भारतीय के तौर पर कहा था। इस बार मैंने ऐसा क्या कह दिया, जिस पर मुझे गद्दार कहा जा रहा है? मैंने उस देश के बारे में अपनी चिंता जाहिर की, जिसे मैं प्यार करता हूं। वह देश जो मेरा घर है। यह आखिर अपराध कैसे हो गया?' बता दें कि अभिनेता नसीरुद्दीन शाह ने अपने एक इंटरव्यूह में विवादित बयान देते हुए कहा था कि देश के माहौल में काफी जहर फैल चुका है। मुझे मेरे बच्चों को लेकर चिंता है। यहां एक पुलिस इंस्पेक्टर की मौत से ज्यादा अहमियत गाय की मौत को दी जा रही है। 

क्या कहा था नसिर ने?
नसीरुद्दीन शाह के इस बयान को लेकर जहां बीजेपी और शिवसेना ने उनकी आलोचना की है तो अन्य विपक्षी दल ने अभिनेता की चिंता को जायज बता रहे हैं। नसीरुद्दीन शाह का एक विडियो यू-ट्यूब पर वायरल हुआ है जिसमें वे देश की हालत पर चिंता जाता रहे हैं। वे कहते हैं कि, लोगों को खुली छूट मिल गयी है कानून को अपने हाथ में लेने की। कई इलाकों में हम देख रहे हैं कि एक गाय की मौत को ज्यादा अहमियत दी जाती है बजाय एक पुलिस इंस्पेक्टर की मौत पर। मुझे फ़िक्र होती है अपने औलादों के लिए क्योंकि मैंने अपने बच्चों को मजहबी तालीम नहीं दी है। हमने उन्हें अच्छाई और बुराई के बारे में सिखाया है और मेरा मानना है कि अच्छाई और बुराई का मजहब से कोई लेना-देना नहीं है। नसीरुद्दीन आगे कहते नजर आ रहे हैं कि अगर कल मेरे बच्चों को भीड़ ने घेर लिया और उनसे पूछा कि तुम हिन्दू हो या मुस्लिम तो उनके पास कोई जवाब नहीं होगा।

सत्ता पक्ष नाराज तो विपक्ष का समर्थन 
अब इस बयान को लेकर राजनीति भी होने लगी है। शिवसेना के सांसद अरविंद सावंत ने कहा कि अगर कोई उनके बच्चों को पूछता है कि वे हिंदू हैं या मुसलमान तो उनके बच्चों को कहना चाहिए कि वे हिन्दुस्तानी हैं। भारतीय जनता पार्टी की ओर से राकेश सिन्हा ने उनके इस बयान पर कहा है कि देश में कुछ लोग बदनाम गैंग में शामिल हो गए हैं तो प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि देश में डरने जैसी स्थिति नहीं है। जबकि महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के नेता पृथ्वीराज चव्हाण का कहना है कि बीजेपी धार्मिक आधार पर ध्रुवीकरण करना चाहती है। धर्मनिरपेक्ष लोग डर के माहौल में जी रहे हैं, अगर फिर से मोदी सरकार सत्ता में आई तो न संविधान बचेगा न ही जनतंत्र। अखिल भारत हिन्दू महासभा ने नसीरुद्दीन शाह से पूछा है कि 68 साल की उम्र में उन्हें अब क्यों डर लगा। वह सभी हिंदुओं को दोषी बताकर एकता और अखंडता को ठेस पहुंचा रहे हैं। 

बुक किया कराची का टिकट 
नसीर के इस बयान पर खफा होकर यूपी नवनिर्माण सेना के अध्यक्ष अमित जानी ने उनके के लिए कराची का टिकट बुक कराया है। अमित जानी ने कहा कि अगर नसीरुद्दीन शाह को भारत में इतना ही डर लगता है तो वो पाकिस्तान चले जाएं। यही नहीं अमित जानी ने नसीरुद्दीन शाह के लिए 14 अगस्त 2019 की फ्लाइट से पाकिस्तान का टिकट बुक करा दिया। उन्होंने आगे कहा कि नसीरुद्दीन पाकिस्तान के स्वाधीनता दिवस पर निकल जाएं ताकि 15 अगस्त को देश (भारत) से एक गद्दार का भार कम हो।

पढ़ें: भारत में मुझे अपने औलादों के बारे में सोचकर फिक्र होती है: नसीरुद्दीन शाह

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