सुन्दर, सुशील और स्पेशल है 'बद्रीनाथ की दुल्हनिया'

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सुन्दर, सुशील और स्पेशल है 'बद्रीनाथ की दुल्हनिया'
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जब रोमांटिक, शादी या पारिवारिक संबंधित फिल्मों की बात आती है, तो बहुत कम फिल्म निर्माता हैं जो हमें अपने विचार और कला से दर्शकों को खुश कर सकते हैं। ऐसे ही एक फिल्म निर्माता हैं करण जौहर। हमें कई मनोरंजक फिल्में देने के बाद, धर्मा प्रोड्क्शन्स एक बार फिर बद्रीनाथ की दुल्हनिया के साथ वापस आ गया है 'पापा' जौहर के दो प्रतिभाशाली बच्चों - वरुण और आलिया के साथ। फिल्म को बहुत चतुराई के साथ लिखा गया है ताकि जो कई मजबूत संदेश देता है और मनोरंजित भी करता है।

झांसी के एरियल शॉट्स से फिल्म की शुरुआत होती है, जहां बद्री उर्फ बद्रीनाथ बंसल (वरुण धवन) अपने परिवार के साथ रहता हैं। बद्री का परिवार बड़ी ही उत्सुकता से उसके लिए दुल्हन देखते हैं। बद्री, अपने दोस्त की शादी के लिए कोटा जाता है और शादी में 'अति सुन्दर' वैदेही (आलिया भट्ट) से मिलता है, और तुरंत उससे आकर्षित हो जाता है। बस एक सुंदर जीवन साथी की इच्छा और उम्मीद रख कर बद्री वैदेही को समझने और मिलने लगता है। पर कट्टर विश्वास रखने वाली वैदेही की कुछ आशाएं होने के कारण वह शादी से मना कर देती है। वह अपने जीवन की अन्य प्राथमिकताओं पर ध्यान करने की योजना बनाती है। अपने सपनों की रक्षा के लिए, वह एक कदम लेती है जो कहानी का उच्च बिंदु बन जाता है। वह क्या तय करती है? उसकी महत्वाकांक्षा क्या है? क्या बद्री और वैदेही एक होंगे? खैर, सरल कहानी में ये सवाल ही फिल्म की रीढ़ बनाते हैं।

फिल्म कई दशकों से सामना कर रहे कई सामाजिक मुद्दों पर प्रकाश डालती है। आलिया के माध्यम से, फिल्म निर्माताओं ने नारीवाद, दहेज और अन्य कई मुद्दों का संदेश दिया है। सामाजिक मुद्दों, रोमांस और कॉमेडी का एक संतुलित मिश्रण बड़ी ही चालाकी से लिखा गया है। फिल्म का पहला भाग मनोरंजक होते हुए लंबा नहीं लगता, पर दूसरे भाग में फिल्म के कई सीन्स काटे जा सकते थे। बद्रीनाथ की दुल्हनिया 139 मिनट लंबी है और इसका अंदाजा दूसरे भाग में महसूस होता है। फिल्म में हास्य और प्रफुल्लित संवाद होने के कारण से यह लोगों को पसंद आ सकती है। फिल्म के सभी अन्य तत्व - संगीत, स्थान, संवाद और अधिक - अच्छे हैं, लेकिन सर्वोत्तम नहीं हैं; हालांकि वे फिल्म के मूड को बाधित नहीं करते हैं।

कहानी से ही हमने आलिया और वरुण के काम को पसंद किया है और सराहा है। बद्रीनाथ की दुल्हनिया में दोनों एक बार फिर वही जादू दिखाते हैं। दोनों का ऑन-स्क्रीन प्रदर्शन दर्शकों के साथ तुरन्त जोड़ता है। बद्री के रूप में वरुण सुंदर लग रहा है वह सभी भावनात्मक और संवादों को बखूभी निभाता है। आलिया भी वैदेही के रूप में ईमानदारी के साथ सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दिखाती है।

यहां सोमदेव मिश्रा (साहिल वैद) की तारीफ न करना अनुचित होगा। सोमदेव बद्री के ख़ास मित्र का किरदार निभाता है। सोमदेव पूरे फिल्म में हंसते और हंसाते हैं और फिल्म के लिए बहुत हल्का फुल्का बनाते हैं। मुझे विश्वास है, उसके बिना, फिल्म अधूरी होती।

धर्मा प्रोड्क्शन्स की यह बड़ी ही मज़ेदार फिल्म है। जाएं, बद्री और उसके दुल्हनिया के साथ कुछ हास्य और रोमांस भरा समय बिताएं।

कलाकार: आलिया भट्ट, वरुण धवन
रेटिंग: 3.5/5

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