‘बी फॉर बलून’ ने जमाई धाक अपने नाम किए 18 अवार्ड्स

अपनी अवॉर्ड विनिंग डेब्यू शोर्ट फिल्म के बारे में बात करते हुए अनमोल बोले, मैंने फिल्म शूट कर ली थी, लेकिन इसके रिलीज को लेकर थोडा नर्वस था, क्योंकि यह मेरी पहली फिल्म थी। सच मानिये, मेरी शॉर्ट फिल्म काफी टाइम तक मेरे लैपटॉप में ही रही! फिर मेरे एक दोस्त ने सुझाव दिया कि मुझे फिल्म फेस्टिवल में अपनी फिल्म भेजनी चाहिए। क्या आप यकीन करेगे, इसे मामी इंडिपेंडेंट फिल्म फेस्टिवल में सर्वश्रेष्ठ लघु फिल्म का पुरस्कार मिला।

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शोर्ट फिल्म ‘बी फॉर बलून’ के डायरेक्टर अनमोल अरोड़ा का कहना है कि वह अपनी शोर्ट फिल्म के रिलीज को लेकर घबराए हुए थे, जिसको 18 अवार्ड्स और 22 फिल्म सिलेक्शनस मिले हैं।

फिल्म निर्माता अनमोल अरोड़ा बुधवार को अपनी समीक्षकों द्वारा प्रशंसित शोर्ट फिल्म ‘बी फॉर बैलून’ के प्रचार के लिए मीडिया से बातचीत कर रहे थे।

अपनी अवॉर्ड विनिंग डेब्यू शोर्ट फिल्म के बारे में बात करते हुए अनमोल बोले, मैंने फिल्म शूट कर ली थी, लेकिन इसके रिलीज को लेकर थोडा नर्वस था, क्योंकि यह मेरी पहली फिल्म थी। सच मानिये, मेरी शॉर्ट फिल्म काफी टाइम तक मेरे लैपटॉप में ही रही! फिर मेरे एक दोस्त ने सुझाव दिया कि मुझे फिल्म फेस्टिवल में अपनी फिल्म भेजनी चाहिए। क्या आप यकीन करेगे, इसे मामी इंडिपेंडेंट फिल्म फेस्टिवल में सर्वश्रेष्ठ लघु फिल्म का पुरस्कार मिला। हमारे पास 22 फिल्म चयन और 18 पुरस्कार हैं, मेरी शोर्ट फिल्म के लिए! इसके बाद ही मेरे प्रोडूसर जितेंद्र राय ने मुझसे फिल्म रिलीज करने का आग्रह किया और पिछले शुक्रवार को हमने इसे रिलीज किया।

फिल्म का निर्माण जितेंद्र राय ने मैथेनो फिल्म्स और अनुज चौधरी के फुटप्रिंट्स के तहत किया है। फिल्म सोशल मीडिया पर बड़े पैमाने पर सराहना बटोर रही है। फिल्म सड़कों पर गुब्बारे बेचने वाले बच्चे की कहानी हैं।

फिल्म के आईडिया के बारे में बात करते हुए अनमोल ने बताया, मैं अक्सर झुग्गी के बच्चों के जीवन के बारे में सोचता था, जिन्हें आप आमतौर पर सिग्नल पर गुब्बारे बेचते पाते हैं, मुझे वही से आईडिया आया। हालाकि लोगो को मेरा आईडिया और फिल्म स्क्रिप्ट पसंद नहीं आई, लेकिन प्रोडूसर जितेंद्र राय, जो सामाजिक संदेशोन्मुखी फिल्मों के समर्थक हैं,  उन्होंने मुझे हौसला दिया और फिल्म बनाने के लिए पैसे दिए।


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