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हाईकोर्ट ने 'हमारे बारह' फिल्म को मंजूरी दी

निर्माताओं को आपत्तिजनक दृश्यों को हटाना होगा

हाईकोर्ट ने 'हमारे बारह' फिल्म को मंजूरी दी
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हाईकोर्ट ने बुधवार को 'हमारे बारह' फिल्म देखने के बाद फिल्म की स्क्रीनिंग का रास्ता साफ कर दिया। कोर्ट ने पाया कि फिल्म में कुरान या मुस्लिम समुदाय के खिलाफ कुछ भी आपत्तिजनक नहीं है। फिल्म निर्माताओं द्वारा आपत्तिजनक दृश्यों को हटाने के लिए तैयार होने के बाद कोर्ट ने फिल्म की रिलीज को हरी झंडी दे दी। साथ ही, फिल्म निर्माताओं पर बिना श्रेय वाले दृश्यों के साथ फिल्म रिलीज करने के लिए 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया और यह राशि याचिकाकर्ता की पसंद के चैरिटी को दान करने का आदेश दिया। (HC gives a nod to Hamare Baarah film makers to edit objectionable scenes)

21 जून को रिलीज

फिल्म 7 जून को रिलीज होने वाली थी। लेकिन कोर्ट में विवाद के चलते इसे बाद में 14 जून को रिलीज किया जाना था। कोर्ट ने अनुमति दे दी है, इसलिए अब यह आखिरकार 21 जून को रिलीज होगी। फिल्म की स्क्रीनिंग पर रोक लगाने की मांग करते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी, जिसमें दावा किया गया था कि यह फिल्म कुरान का अपमान करती है और इस्लाम और मुस्लिम समुदाय का अपमान करती है।

जस्टिस बर्गिस कुलबावाला और जस्टिस फिरदौस पुनीवाला की बेंच ने फिल्म देखी और कुछ बदलाव सुझाए। उस बदलाव को निर्माता और याचिकाकर्ता दोनों ने स्वीकार कर लिया। इसके अनुसार, कोर्ट ने कहा कि निर्माता आवश्यक बदलाव करें और फिर फिल्म रिलीज करें। इसे फिल्म के निर्माताओं ने भी स्वीकार कर लिया।

हाईकोर्ट ने फिल्म की रिलीज पर लगाई थी रोक

इस महीने की शुरुआत में हाईकोर्ट ने फिल्म की रिलीज को स्थगित कर दिया था। निर्माताओं द्वारा यह आश्वासन दिए जाने के बाद कि सेंसर बोर्ड के आदेश के अनुसार आपत्तिजनक हिस्से हटा दिए जाएंगे, कोर्ट ने फिल्म की रिलीज की अनुमति दे दी थी। हालांकि, याचिकाकर्ताओं ने इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। सुप्रीम कोर्ट ने फिल्म की रिलीज पर रोक लगाते हुए मामले को वापस हाईकोर्ट भेज दिया और स्पष्ट किया कि उचित फैसला लिया जाएगा।

उस पृष्ठभूमि में सुनवाई के दौरान कोर्ट ने टिप्पणी की कि उसने फिल्म देखी है और उसे कुरान या मुस्लिम समुदाय के खिलाफ कुछ भी आपत्तिजनक नहीं लगा, बल्कि यह फिल्म महिलाओं के उत्थान के लिए बनाई गई है। इस पर टिप्पणी करते हुए कोर्ट ने यह भी कहा कि भारतीय नागरिक मूर्ख नहीं हैं।

बुधवार को इस मामले में सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता-प्रतिवादियों ने कोर्ट में सहमति शर्तें पेश कीं, जिसमें कहा गया कि वे फिल्म से कुछ आपत्तिजनक हिस्सों और संवादों को हटाने के लिए सहमत हैं। इसके बाद कोर्ट ने जरूरी बदलाव करने के बाद फिल्म को रिलीज करने की अनुमति दे दी।

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