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कोस्टल रोड परियोजना के लिए BMC काटेगी 140 पेड़

कोस्टल रोड परियोजना के कारण टाटा गार्डन और सड़क के किनारे स्थित लगभग 140 पेड़ काटे जाएंगे और सड़क के चौड़ीकरण के लिए भी पेड़ों को काटा जाएगा।

कोस्टल रोड परियोजना के लिए BMC काटेगी 140 पेड़
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भूलाभाई देसाई रोड के निवासी सोमवार की सुबह जब मोर्निंग वॉक (morning walk) के लिए सड़क पर स्थित टाटा गार्डेन (tata garden) गये तो वहां एक नोटिस देख कर शॉक रह गये। उस नोटिस में पेड़ों को काटने (cut tree) की बात लिखी थी। बताया गया था कि, कोस्टल रोड परियोजना (Coastal Road) के कारण टाटा गार्डन और सड़क के किनारे स्थित लगभग 140 पेड़ काटे जाएंगे और सड़क के चौड़ीकरण के लिए भी पेड़ों को काटा जाएगा। यही नहीं इस परियोजना के तहत वर्ली (worli) और मरीन ड्राइव (marine drive) के बीच 500 से अधिक पेड़ काटे जाने का निर्णय लिया गया है।

स्थानीय निवासियों ने बताया कि, बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) ने नोटिस लगाने से पहले हमारे न तो हमसे कुछ सुझाव मांगा और न ही हमें बताया गया। हालांकि भुलाभाई देसाई रोड के पेड़ काटे जाने को लेकर बीएमसी ने कहा कि, इन 140 पेड़ों को  प्रत्यारोपित किया जाएगा। 

सामाजिक कार्यकर्ता और पर्यावरणविद जोरू बाथेना कहते हैं, यह  शर्म की बात है कि कोस्टल रोड  के साथ-साथ पार्क और गार्डन बनाने के लिए 100 से अधिक पेड़ों को काटा जाएगा। यह पूरी तरह से बेतुकी योजना है, हमारे शहर में क्या हो रहा है इसका एक उदाहरण है।'

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अभी हाल ही में बीएमसी ने घोषणा की कि वह तटीय सड़क परियोजना (coastal road) के निर्माण के लिए पर्यावरण के अनुकूल ईंटों का उपयोग करेगी। कहा गया कि, इन ईंटों उपयोग विशेष रूप से तटीय इलाकों में किया किया जाएगा, जिससे समुद्री जंतुओं को नुकसान न पहुंचे।

आपको बता दें कि नरीमन पॉइंट से दहिसर तक बनने वाले लगभग 34 किलोमीटर की यह कोस्टल रोड टोल फ्री होगी। इसके बन जाने के बाद प्रिंसेस स्ट्रीट से वर्ली सी लिंक तक बिना किसी सिग्नल के कुछ ही समय में पहुंचा जा सकेगा और फिर सी लिंक से बांद्रा और वर्सोवा तक का सफर तय हो सकेगा। पहले हिस्से का काम बीएमसी तो दुसरे हिस्से का काम MMRDA करेगी।

आपको याद दिला दें कि अभी कुछ महीने पहले ही बीजेपी (BJP) और शिव सेना (SHIV SENA) के राज में आरे में बनने वाले कारशेड (carshed) के लिए जब पेड़ों को काटा जा रहा था तब आदित्य ठाकरे (Aaditya thackeray) ने विरोध किया था, यही नहीं उद्धव ठाकरे (uddhav thackeray) के मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने भी पेड़ो को काटने पर रोक लगा दी, लेकिन अब जब खुद उद्धव ठाकरे मुख्यमंत्री हैं और आदित्य ठाकरे पर्यावरण मन्त्री, तो 100 से अधिक पेड़ों को काटे जाना, बात हजम नहीं होती।

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