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बारीश में आई कमी, मोडक सागर का जल स्तर भी घटा

पिछले कुछ दिनों से मुंबई और आसपास के इलाको में बारिश नहीं हो रही है। जिसके परिणामस्वरूप, मोडकसागर झील में जल का स्तर लगभग 1.25 मीटर कम हो गया है।

बारीश में आई कमी, मोडक सागर का जल स्तर भी घटा
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पिछले कुछ दिनों से मुंबई और आसपास के इलाको में बारिश नहीं हो रही है। जिसके परिणामस्वरूप, मोडकसागर झील में जल का स्तर लगभग 1.25 मीटर कम हो गया है। इसके अलावा भातसा झील, जो बड़ी संख्या में मुंबईकरों की प्यास बुझाती है, अभी तक अपनी पूरी क्षमता के साथ नहीं भरी है।

अभी हाल ही में जब मोडकसागर झील ओवरफ्लो हुई थी तो, इसकी जल आपूर्ति का स्तर 163.15 मीटर था। यह इस झील का पूर्ण जल आपूर्ति स्तर है। हालांकि, 17 सितंबर 2020 तक नगर पालिका से उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, मोडकसागर का जलस्तर अब 161.90 मीटर से भी नीचे आ गया है। इस झील में एक महीने में जल स्तर में 1.25 मीटर तक की कमी आई है।

मुंबईकरों को अपर वैतरणा, मोडकसागर, तानसा, मध्य वैतरणा, भातसा, विहार लेक और तुलसी लेक से 37.50 लाख लीटर पानी की आपूर्ति की जाती है। जून में कम बारिश के चलते सभी सातों झीलों में पानी का स्तर काफी कम हो गया था।हालांकि, जुलाई में जब भारी बारिश हुई तो 27 जुलाई को तुलसी झील बहने लगी।

मुंबईकरों की प्यास बुझाने के लिए भातसा से हर दिन बड़ी मात्रा में पानी की आपूर्ति की जाती है। भातसा का कुल जल आपूर्ति स्तर 142.07 मीटर है। जबकि झील का वर्तमान जल स्तर 141.70 मीटर तक ही पहुंचा है। झील में अभी भी केवल 0.37 मीटर स्तर ही खाली बचा हुआ है। हालांकि, हाल ही में हुई बारिश के कारण भी झील अभी तक पूरी तरह से भरी नहीं है।

अगस्त में भारी बारिश के कारण तमाम झीलें बहने लगीं थीं। तुलसी लेक के बाद, 5 अगस्त को विहार लेक भी भर गयी। फिर 18 अगस्त को मोडक सागर और 20 अगस्त को तानसा झील भी बहने लगी।  इस बीच, भारी बारिश के कारण मुंबई में जो 15 प्रतिशत पानी की कटौती शुरू की गई थी उसे कम कर दिया गया। चार झीलों में पानी भरने के कारण, पानी की कटौती शुरू में 15 से घटाकर 10 प्रतिशत और फिर पांच प्रतिशत की गयी। बाद मेंं कटौती को पूरी तरह से वापस ले लिया गया।

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