ओखी, जय भीम

ओखी चक्रवात के मुंबई में दस्तक देने के बाद भी बाबा साहेब आंबेडकर के महापरिनिर्वाण के अवसर पर हजारों अनुयायियों ने चैत्यभूमि पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।