SHARE

भारत-पाकिस्तान बॉर्डर पर स्थित पुंछ इलाका, यहां की रहने वाली इशर दीदी पिछले 4 साल से मुंबई आती हैं और यहां से गणपति बप्पा की मूर्ति ले जाकर अपने यहां स्थापित कर बकायदा पूजा अर्चना करती हैं और विसर्जन करती हैं। इस बार भी इशर दीदी बप्पा की मूर्ति ले जाने के लिए मुंबई आई हैं। इशर दीदी को यह विश्वास है कि बप्पा भारत और पकिस्तान के बीच पैदा हुई तनावपूर्ण स्थिति को समाप्त कर देंगे।

बॉर्डर गणपति पंडाल 
इशर दीदी पिछले 4 साल से हर साल गणपति के अवसर पर मुंबई से गणपति बप्पा की मूर्ति एलओसी बॉर्डर पर पुंछ के पास सार्वजनिक गणेश पंडाल के लिए जाती है, जहां पर 11 दिन तक गणपति के दर्शन और आरती के लिए बॉर्डर के लोगों के अलावा आर्मी के लोग भी आते हैं। इस बार गणपति की बड़ी मूर्ति के अलावा 2 छोटी- छोटी मूर्तीयों को भी भेजा जा रहा है, जो वहां पर बीएसएफ और आर्मी के बॉर्डर स्थित बंकरों में रखा जाएगा।

हर साल अपने गांव पुंछ में गणपति ले जाने वाली ईशर दीदी कहती है कि इस बार तनाव काफी ज्यादा है खासकर 370 खत्म होने के बाद लोगों को लगता है कि कश्मीर में सब कुछ सही नहीं है। इसलिए उम्मीद है कि सबकुछ ठीक होगा इस बार सेना के जवानों ने बंकर में गणपति बैठाने के लिए 2 छोटी मूर्तियां भी मंगवाई हैं

इन दिनों सीमा और जम्मू -कश्मीर के भीतर भी धारा 370 खत्म होने से तनावपूर्ण स्थित बनी हुई है ऐसे में लोगों को उम्मीद है कि गणपति बप्पा के कश्मीर पहुंचने से सब कुछ सही हो जाएगा।

संबंधित विषय
ताजा ख़बरें