दही हंडी: गोविंदाओं को कराना होगा 'स्पॉट बीमा'

गौरतलब है कि दही हंडी खेलते समय गोविंदा उंचे उंचे थर बनाते हैं, उसी में बाल गोविंदा भी होते हैं। इतनी ऊंचाई से गिर कर गोविंदा दुर्घटना का शिकार हो जाते हैं,

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दही हंडी में गोविंदाओं की सुरक्षा के लिए दहीहंडी समन्वय समिती ने निर्णय लिया है कि दही हंडी आयोजकों और समितियों को गोविंदाओं का 'स्पॉट बीमा' कराना होगा। शनिवार को दही हंडी समन्वय समिती की बैठक में यह निर्णय लिया गया। आपको बता दें कि दही हंडी का त्यौहार करीब है, अधिकांश गोविंदा इस समय दही हंडी की प्रैक्टिस करने में लगे हैं। यही नहीं दही हंडी खेलते समय कई गोविंदा गिर कर चोटिल हो जाते हैं जबकि कुछ लोगों की तो मौत भी हो चुकी है।


कैसा होगा यह बीमा?
इस समय मात्र 75 रूपये म 10 लाख रूपये का बीमा गोविंदाओं के लिए उपलब्ध है। इसके बाद भी लोग लापरवाही के चलते न तो मंडल और ना ही आयोजकों की तरफ से गोविंदाओं का बीमा कराया जाता है। इसीलिए अब कहा गया है कि आयोजकों और गोविंदा मंडली को 'स्पॉट बीमा' यानी जब मटकी फोड़ने जाएंगे उसी स्थान पर बीमा कराना होगा, ताकि किसी दुर्घटना की स्थिति में गोविंदा को आर्थिक सहायता मिल सके।


कई मुद्दों पर हुई चर्चा 

इस बाबत शनिवार को परेल स्थित राष्टीय मिल मजदुर संघ के सभागृह में बैठक हुई थी। इस बैठक में दही हंडी उत्सव को लेकर गोविंदाओं की सुरक्षा, बाल गोविंदाओं के इस उत्सव में भाग लेने, सेलेब्रिटी पर पैसे उड़ाना, बीमा अनिवार्य करना जैसे अनेक मुद्दे को लेकर चर्चा हुई।  

क्यों जरुरी है बीमा?
गौरतलब है कि दही हंडी खेलते समय गोविंदा उंचे उंचे थर बनाते हैं, उसी में बाल गोविंदा भी होते हैं। इतनी ऊंचाई से गिर कर गोविंदा दुर्घटना का शिकार हो जाते हैं, कुछ तो इतना जख्मी हो जाते हैं कि उनकी मौत तक हो जाती है। इसीलिए अब हर गोविंदाओं का स्पॉट बीमा निकाले जाने का प्रावधान किया जा रहा है।

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