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Lockdown effect : Parle G के बाद मैगी की हो रही रिकॉर्ड बिक्री

इस लॉकडाउन में देश मे कई संस्थाओं ने कई समाजसेवियों ने लाखों लोगों में मुफ्त में राशन बांटा, जिसमें वे मैगी भी बांट रहे थे। यही वजह है कि इसकी बिक्री बढ़ गयी।

Lockdown effect : Parle G के बाद मैगी की हो रही रिकॉर्ड बिक्री
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इस लॉकडाउन (lockdown) पीरियड में कई कंपनियां बंद है जिसकी वजह से उन्हें लगातार घाटा हो रहा है, लेकिन कुछ ऐसी भी कंपनियां हैं जिनकी चांदी कट रही है। अभी हाल ही में खबर आई थी कि लॉकडाउन के दौरान बिस्किट बनाने वाली मशहूर कंपनी Parle G की रिकॉर्ड तोड़ बिक्री हुई, जिसने 80 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया। अब एक और कंपनी है जिसका मुनाफा इस लॉकडाउन पीरियड में लगातार बढ़ता ही जा रहा है। वह कंपनी है मैगी, जी हां, मैगी (maggi) की बिक्री इस लॉकडाउन के दौरान 25 फीसदी तक बढ़ गई है।

मैगी बनाने वाली कंपनी नेस्ले (nestle)ने बताया कि लॉकडाउन के बीच इंस्टेंट नूडल्स मैगी की लोगों ने अच्छी खरीदारी की। मात्र 2 मिनट में बनने वाली मैगी न केवल बच्चों में लोकप्रिय है बल्कि बड़े भी इसे चाव से खाते हैं।

साथ ही इस लॉकडाउन में देश मे कई संस्थाओं ने कई समाजसेवियों ने लाखों लोगों में मुफ्त में राशन बांटा, जिसमें वे मैगी भी बांट रहे थे। यही वजह है कि इसकी बिक्री बढ़ गयी।

एक बात और कि इस लाॅकडाउन की वजह से देशभर के होटल-रेस्टोरेंट बंद थे। तो ऐसे में अधिकतर लोगों के लिए इंस्टेंट मैगी बेहतर विकल्प के तौर पर सामने आई। यही वजह है कि मैगी की बिक्री में भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसके अलावा लॉकडाउन के दौरान ग्राहकों ने मैगी का स्टॉक खत्म होने के डर से जमकर स्टाॅक भर लिया था।

मैगी की इस बिक्री के बारे में नेस्ले इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर सुरेश नारायण ने बताया कि,  लॉकडाउन के बीच कंपनी अपने सभी ब्रांचों में मैगी का उत्पादन काफी तेजी से करना पड़ा। नेस्ले का सालाना कारोबार करीब 12 हजार करोड़ रुपए का है। कंपनी को उम्मीद है कि इस साल मैगी की बिक्री में तेजी आएगी।

आपको बता दें कि लॉकडाउन के दौरान सिर्फ पारले-जी या मैगी ही नहीं बल्कि ब्रिटानिया का गुड डे, टाइगर, बोरबन, मारी गोल्ड, मिल्क बिकीज और पारले का मोनको, हाइड ऐंड सीक, क्रैकजैक जैसे ब्रांड की भी अच्छी खासी बिक्री हुई है।

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