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मंकिपोक्स के बढ़ते मामलो को देखते हुए बीएमसी सतर्क

संदिग्ध मामलों के आइसोलेशन के लिए बीएमसी द्वारा संचालित कस्तूरबा अस्पताल में 28 बिस्तरों वाला एक अलग वार्ड तैयार किया गया है। इसी तरह जांच के नमूने एनआईवी पुणे भेजे जाएंगे।

मंकिपोक्स के बढ़ते मामलो को देखते हुए बीएमसी सतर्क
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दुनियाभर में मंकिपोक्स (MONKEYPOX)  के मामले लगातार बढ़ते जा रहे है। हालांकी अभी तक भारत में मंकीपोक्स का एक भी मामला सामने नही आया है। स्थिती को देखते हुए बीएमसी ने सतर्कता शुरु कर दी है।  बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) ने मंकीपॉक्स पर एक बयान जारी किया है। इसमें कहा गया है कि हवाई अड्डे के अधिकारी स्थानिक और गैर-स्थानिक देशों के यात्रियों की स्क्रीनिंग कर रहे हैं।  संदिग्ध मामलों के अलगाव के लिए बीएमसी, 28 बिस्तरों के साथ नागरिक-संचालित कस्तूरबा अस्पताल में एक अलग वॉर्ड भी तैयार किया है। 


दूसरी ओर, महाराष्ट्र के स्वास्थ्य विभाग ने भी "निगरानी रखने" का निर्देश दिया। शनिवार, 21 मई को, राज्य निगरानी अधिकारी, डॉ प्रदीप आवटे को इस बात को बताया की  उन्होंने सभी जिले के स्वास्थ्य अधिकारियों को सतर्क रहने के लिए कहा है । अवाटे ने कथित तौर पर कहा कि यह एक दुर्लभ बीमारी है।  डब्ल्यूएचओ ने 11 देशों में 80 मंकीपॉक्स मामलों की घोषणा की। मंकीपॉक्स एक वायरल जूनोटिक बीमारी है जो मुख्य रूप से मध्य और पश्चिम अफ्रीका के उष्णकटिबंधीय वर्षावनों के क्षेत्रों में होती है। कभी-कभी इसे अन्य क्षेत्रों में निर्यात किया जाता है। मंकीपॉक्स चेचक जैसा दिखता है और यूके, यूएसए, ऑस्ट्रेलिया, यूरोप और कनाडा जैसे देशों में इसके मरीजो की सूचना मिली है।

रिपोर्ट में विशेषज्ञों ने दावा किया है कि सामान्य आबादी के लिए इसका जोखिम कम है, लेकिन चिकित्सा समुदाय आश्चर्यचकित है क्योंकि यह बीमारी अफ्रीका के बाहर शायद ही कभी देखी गई है।

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