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मरीज के परिवार असहाय


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परेल – परेल स्थित टाटा हॉस्पिटल के बाहर मरीज के परिवार वाले और रिश्तेदार पैसे होने के बाद भी असहायों की तरह पड़े हैं, वे अपने मरीज के लिए कुछ भी नहीं कर सकते। जगह जगह से लोग इलाज के लिए इस हॉस्पिटल में आते हैं। पर अचानक से सरकार भ्रष्टाचार को रोकने और काला धाने पर लगाम कसने के मकसद से बंद किए गए 500 और 1000 रुपए के नोटों से वर्तमान में इन लोगों को भारी तकलीफों का सामना करना पड़ रहा है, आगे चलकर भले ही इसका फायदा देखने को मिले। सरकारचा निर्णय भले देशाच्या फायद्यासाठी असेल. पण आज त्यात भरडला जातोय.

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