डॉक्टर कर रहे नेशनल मेडिकल कमीशन बिल का विरोध

इस विधेयक में परास्नातक (पीजी) मेडिकल पाठ्यक्रमों में प्रवेश और मरीजों का इलाज करने का लाइसेंस हासिल करने के लिए नेशनल एक्जिट टेस्ट (नेक्स्ट) का प्रस्ताव किया गया है।

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नैशनल कमिशन मुद्दे के विरोध में अब देशभर के डॉक्टरों मे आक्रामक भूमिका निभाना शरु कर दिया है।  डॉक्टरों ने अब इस बिल का विरोध करने के लिए  उपोषण करने का फैसला किया है।  डॉक्टरों के इस अनशन के कारण बुधवार को ओपीडी बंद रहेगी। इससे बड़ी संख्या में रोगियों के प्रभावित होने की संभावना है।  इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने अपील की है कि देश भर के डॉक्टरों को आंदोलन में भाग लेना चाहिए। इस बीचडॉक्टर उपवासविरोध आंदोलन और अन्य साधनों के माध्यम से नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) बिल का विरोध करेंगे।

लोकसभा ने  48 के मुकाबले 260 मतों से सरकार के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया। इसके बाद सदन ने विधेयक को ध्वनिमत से मंजूरी दे दी। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री हर्षवर्धन ने सोमवार को लोकसभा में कहा कि राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग विधेयक-2019 का मकसद चिकित्सा क्षेत्र में भ्रष्टाचार पर रोक लगाना है। इसमें भारतीय चिकित्सा परिषद (एमसीआई) की जगह राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग के गठन का प्रावधान है। 

क्या है इस बिल में 


इस विधेयक में परास्नातक (पीजी) मेडिकल पाठ्यक्रमों में प्रवेश और मरीजों का इलाज करने का लाइसेंस हासिल करने के लिए नेशनल एक्जिट टेस्ट (नेक्स्ट) का प्रस्ताव किया गया है। यह कॉमन टेस्ट एमबीबीएस के चौथे वर्ष में होगा। यह परीक्षा विदेशी मेडिकल स्नातकों के लिए स्क्रीनिंग टेस्ट का भी काम करेगी।

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